नई दिल्ली, 24 जुलाई। संसद मानसून सत्र: संसद के मानसून सत्र का पांचवां दिन भी विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी टकरावपूर्ण स्थिति के कारण सुचारू रूप से नहीं चल सका। नीट पेपर लीक विवाद और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के लगातार विरोध प्रदर्शन के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। लगातार हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही अंततः स्थगित करनी पड़ी।
सत्र के पांचवें दिन भी विपक्ष ने अपने तेवर बरकरार रखते हुए संसद परिसर में सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर एकत्र होकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई और आरोप लगाया कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामले में सरकार जवाबदेही से बच रही है।
विपक्षी दलों का कहना है कि नीट यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक ने देशभर के लाखों विद्यार्थियों और उनके परिवारों का भरोसा तोड़ा है। उनका आरोप है कि जब तक इस पूरे मामले की जवाबदेही तय नहीं होती और शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। विपक्ष ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि इस मांग के पूरा होने तक सदन की कार्यवाही में सहयोग करना संभव नहीं होगा।
दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने विपक्ष के रवैये की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बचने के लिए लगातार सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है। सत्ता पक्ष का कहना है कि सरकार पेपर लीक मामले में कार्रवाई कर रही है और इस विषय पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए भी तैयार है, लेकिन विपक्ष राजनीतिक कारणों से गतिरोध बनाए रखना चाहता है।
संसद के दोनों सदनों में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके कारण सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ। अध्यक्षों द्वारा कई बार व्यवस्था बनाए रखने की अपील किए जाने के बावजूद हंगामा नहीं थमा और अंततः लोकसभा तथा राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
मानसून सत्र के लगातार पांच दिनों से जारी गतिरोध के कारण कई महत्वपूर्ण विधायी और सरकारी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध समाप्त करने के लिए कोई सहमति बनती है या नहीं, ताकि संसद की कार्यवाही सामान्य रूप से आगे बढ़ सके।


