लेख-विचार

रेलवे स्टेशनों के सूने बुक स्टॉल : क्या डिजिटल युग में पढ़ने की संस्कृति बदल रही है?

डॉ. सत्यवान सौरभ भारतीय रेलवे स्टेशन केवल यात्रियों के आवागमन के केंद्र नहीं रहे हैं, बल्कि वे लंबे समय तक देश की सांस्कृतिक और बौद्धिक...

पुरस्कारों का अर्थशास्त्र : जब साहित्यिक सम्मान पारदर्शिता के कठघरे में खड़े हों

डॉ. प्रियंका सौरभ एक साहित्यिक संस्था ने कविता, कहानी, व्यंग्य सहित सात विधाओं में कुल 21 पुरस्कारों की घोषणा की। प्रत्येक विधा में प्रथम पुरस्कार...

विश्व जनसंख्या दिवस : बढ़ती आबादी और सतत विकास की चुनौती

विश्व जनसंख्या दिवस पर विशेष: मानव सभ्यता के विकास का इतिहास जितना पुराना है, जनसंख्या वृद्धि का इतिहास भी उतना ही पुराना है। प्राचीन...

आर्थिक स्वतंत्रता, समानता और परिवार: अधिकारों के साथ कर्तव्यों की भी साझेदारी

डॉ. प्रियंका सौरभ भारतीय समाज में परिवार केवल रक्त संबंधों का समूह नहीं, बल्कि विश्वास, त्याग, साझेदारी और पारस्परिक उत्तरदायित्व की एक जीवंत संस्था रहा...

आदर्श चंपावत से विश्व की आध्यात्मिक राजधानी तक: मुख्यमंत्री धामी का विकास विजन

भारतीय लोकतंत्र में ऐसे अवसर कम आते हैं, जब किसी जनप्रतिनिधि की विकास-दृष्टि केवल घोषणाओं तक सीमित न रहकर एक व्यापक सामाजिक, सांस्कृतिक और...

रासायनिक खेती का बढ़ता दबाव और जैविक विकल्पों की अनिवार्यता

राजकुमार सिन्हा विशेषज्ञों का कहना है कि रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में धीरे-धीरे और सावधानी से कमी लाना संभव भी है और जरूरी भी। इस...

सब्जी बाड़ी: पोषण, परंपरा और आत्मनिर्भरता की हरित विरासत

बाबा मायाराम बारिश का मौसम आ गया है। खेती-बाड़ी की तैयारी चल रही है। मिट्टी की सौंधी खुशबू वातावरण में घुल रही है। सूखे पेड़ों...

तकनीक से मोहभंग नहीं, बल्कि जीवन को अधिक सार्थक और संतुलित बनाने की कोशिश

कांतिलाल मांडोत डिजिटल क्रांति से डिजिटल थकान तक एक समय था जब तकनीक को आधुनिक जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जाता था। इंटरनेट का विस्तार...

सादा जीवन, उच्च विचार : सहज और संतुलित जीवन की कुंजी

एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी कुदरत द्वारा रचित सृष्टि की 84 लाख योनियों में मानव योनि को सबसे श्रेष्ठ और अनमोल माना गया है। मानव को...

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: उज्ज्वल भविष्य और सशक्त समाज की आधारशिला

डा. वरिंदर भाटिया आज के तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं रह गई है, बल्कि यह सामाजिक,...