लेख-विचार

रासायनिक खेती का बढ़ता दबाव और जैविक विकल्पों की अनिवार्यता

राजकुमार सिन्हा विशेषज्ञों का कहना है कि रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में धीरे-धीरे और सावधानी से कमी लाना संभव भी है और जरूरी भी। इस...

सब्जी बाड़ी: पोषण, परंपरा और आत्मनिर्भरता की हरित विरासत

बाबा मायाराम बारिश का मौसम आ गया है। खेती-बाड़ी की तैयारी चल रही है। मिट्टी की सौंधी खुशबू वातावरण में घुल रही है। सूखे पेड़ों...

तकनीक से मोहभंग नहीं, बल्कि जीवन को अधिक सार्थक और संतुलित बनाने की कोशिश

कांतिलाल मांडोत डिजिटल क्रांति से डिजिटल थकान तक एक समय था जब तकनीक को आधुनिक जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जाता था। इंटरनेट का विस्तार...

सादा जीवन, उच्च विचार : सहज और संतुलित जीवन की कुंजी

एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी कुदरत द्वारा रचित सृष्टि की 84 लाख योनियों में मानव योनि को सबसे श्रेष्ठ और अनमोल माना गया है। मानव को...

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: उज्ज्वल भविष्य और सशक्त समाज की आधारशिला

डा. वरिंदर भाटिया आज के तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं रह गई है, बल्कि यह सामाजिक,...

उत्तराखंड के पर्वतों पर हरियाली ने फिर से दस्तक दी

6 जून, बाबा मायाराम उत्तराखंड के जड़धार गांव में जंगलों के संरक्षण, जल और मिट्टी बचाने, पारंपरिक खेती को जीवित रखने तथा देशी बीजों के...