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भारी बारिश का अलर्ट: पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और हिमाचल में 4-5 सितंबर को तेज बारिश, उत्तराखंड में 9 सितंबर तक असर

नई दिल्ली/पंचकूला, 4 सितंबर। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में 4 और 5 सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं उत्तराखंड में 4 से 9 सितंबर के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार सुबह जारी अखिल भारतीय मौसम सारांश एवं पूर्वानुमान बुलेटिन में यह जानकारी दी है।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाकों में 4 और 5 सितंबर को बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं। इसके बाद पंजाब और हरियाणा समेत कुछ अन्य इलाकों में बारिश की तीव्रता और क्षेत्र में कमी आने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है।

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 4-5 सितंबर को कई जगह बारिश

आईएमडी के मुताबिक, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 4 और 5 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 6 सितंबर को कुछ जगहों पर और 7 से 10 सितंबर तक कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने 4 और 5 सितंबर को हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। इसके चलते निचले इलाकों में जलभराव और बारिश के पानी की निकासी को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है।

पंजाब में 4 से 9 सितंबर के बीच कुछ से लेकर कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। हालांकि, 5 सितंबर के बाद राज्य में बारिश की गतिविधियों में कमी आने का अनुमान है। मौसम विभाग ने पंजाब और हरियाणा के किसानों के लिए लगातार बारिश को देखते हुए खेती संबंधी मौसम सलाह भी जारी की है।

हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश की संभावना

हिमाचल प्रदेश में 4 और 5 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। इसके बाद 6 सितंबर को छिटपुट और फिर 7 से 10 सितंबर के दौरान कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।

आईएमडी ने 4 और 5 सितंबर को हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। लगातार बारिश को देखते हुए किसानों को अदरक और हल्दी के खेतों में पानी की निकासी के रास्ते साफ और चालू रखने की सलाह दी गई है। मक्के के खेतों से अतिरिक्त बारिश का पानी जल्द निकालने को भी कहा गया है।

किसानों को यह भी सलाह दी गई है कि जहां संभव हो, पकी हुई सब्जियों की कटाई कर लें और उपज को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दें।

उत्तराखंड में 9 सितंबर तक जारी रह सकता है बारिश का दौर

उत्तराखंड में बारिश का असर अपेक्षाकृत लंबे समय तक रहने का अनुमान है। आईएमडी के अनुसार, 4 और 5 सितंबर को राज्य के बड़े हिस्से में बारिश हो सकती है, जबकि 6 से 10 सितंबर के दौरान भी काफी बड़े क्षेत्र में बारिश होने की संभावना है।

4 से 9 सितंबर तक उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। राज्य के किसानों को सलाह दी गई है कि जिन धान के खेतों में पर्याप्त बारिश हो रही है, वहां अतिरिक्त सिंचाई न करें। गन्ने और मक्के के खेतों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था रखने को कहा गया है।

लंबी फसलों और सब्जियों को गिरने से बचाने के लिए उन्हें सहारा देने की सलाह भी दी गई है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग ने 4 से 7 सितंबर तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा 4 सितंबर को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।

4 और 5 सितंबर को पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है। आईएमडी ने 4 सितंबर के लिए हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत देश के अन्य हिस्सों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

मौसम विभाग के अनुसार, 5 सितंबर को भी उत्तर-पश्चिमी मैदानी क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान है।

मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान

इस दौरान सबसे अधिक बारिश मध्य प्रदेश में होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 4 सितंबर को मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है। 5 सितंबर को भी मध्य प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

आईएमडी के अनुसार, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बना स्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र 4 सितंबर की सुबह 5.30 बजे मध्य-उत्तरी मध्य प्रदेश और आसपास के दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर स्थित था।

इससे जुड़ी हवाओं का चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला था और ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ था। इस मौसम तंत्र के अगले दो दिनों तक लगभग इसी क्षेत्र में बने रहने की संभावना है।

मानसून द्रोणी और पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय

समुद्र तल के पास मानसून द्रोणी बीकानेर, सीकर, उत्तरी मध्य प्रदेश और आसपास के दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर स्थित स्पष्ट कम दबाव वाले क्षेत्र के केंद्र, डाल्टनगंज और बहरामपुर से होकर पूर्व की ओर त्रिपुरा तक बनी हुई है।

मध्य और ऊपरी स्तर की पश्चिमी हवाओं में एक पश्चिमी विक्षोभ भी कम दबाव वाले क्षेत्र के रूप में मौजूद है। इसका केंद्र समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर 75 डिग्री पूर्वी देशांतर और 32 डिग्री उत्तरी अक्षांश के उत्तर में स्थित है।

वहीं, उत्तरी हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर बना चक्रवाती परिसंचरण कमजोर पड़ गया है।

कई राज्यों में पहले ही दर्ज हो चुकी बारिश

बुलेटिन के अनुसार, 3 सितंबर की सुबह 8.30 बजे से 4 सितंबर की सुबह 5.30 बजे के बीच हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में कई स्थानों पर बारिश दर्ज की गई।

उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ज्यादातर स्थानों पर तथा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कई स्थानों पर बारिश हुई। लगातार बारिश के मद्देनजर मौसम विभाग ने संबंधित राज्यों के किसानों के लिए आवश्यक कृषि मौसम सलाह जारी की है।

कई जिलों में अचानक बाढ़ का कम से मध्यम खतरा

आईएमडी ने 5 सितंबर की सुबह 5.30 बजे तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के कुछ नदी वाले इलाकों तथा आसपास के क्षेत्रों में अचानक बाढ़ आने का कम से मध्यम खतरा जताया है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में झांसी और ललितपुर, पश्चिमी मध्य प्रदेश में भिंड, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, नीमच और मंदसौर तथा पूर्वी राजस्थान में बारां, झालावाड़, बूंदी, कोटा, टोंक, सवाई माधोपुर, दौसा, करौली, धौलपुर और भरतपुर को इस चेतावनी में शामिल किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में होने वाली बारिश के कारण पहले से पूरी तरह संतृप्त मिट्टी वाले कुछ क्षेत्रों और निचले इलाकों में पानी जमीन के ऊपर बह सकता है या बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।

आईएमडी ने स्पष्ट किया है कि बुलेटिन में दी गई मौसम संबंधी भविष्यवाणियां और चेतावनियां संबंधित दिन सुबह 8.30 बजे से अगले दिन सुबह 8.30 बजे तक लागू रहेंगी।

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