हरिद्वार, 01 सितंबर। बिल्केश्वर मंदिर के आसपास एक बार फिर गुलदार की चहलकदमी रिकॉर्ड होने से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। बताया जा रहा है कि गुलदार शिकार की तलाश में इलाके में घूमता दिखाई दिया। जंगल से सटे इस क्षेत्र में गुलदार की आवाजाही नई बात नहीं है, लेकिन आसपास रिहायशी कॉलोनियां होने के कारण स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।
कुत्तों के शिकार की तलाश में पहुंचते हैं गुलदार
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बिल्केश्वर क्षेत्र में गुलदार अक्सर कुत्तों के शिकार की तलाश में पहुंचते हैं। इसके अलावा हाथी, बारहसिंगा और हिरन जैसे वन्यजीवों की आवाजाही भी यहां बनी रहती है।
जंगल और रिहायशी कॉलोनियों के बीच लोगों की लगातार आवाजाही होने के कारण गुलदार की मौजूदगी को लेकर स्थानीय लोगों में डर बना हुआ है। गुलदार के लगातार क्षेत्र में दिखाई देने से लोगों ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।
गुलदार की गतिविधियों पर वन विभाग की नजर
रेंज अधिकारी शीशपाल सिंह ने बताया कि बिल्केश्वर क्षेत्र जंगल से सटा हुआ है, जिसके कारण यहां वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहती है। उन्होंने बताया कि गुलदार की गतिविधियों पर वन विभाग लगातार नजर रख रहा है और टीम को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
वन विभाग की ओर से क्षेत्रवासियों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। लोगों से कहा गया है कि रात के समय अकेले बाहर निकलने से बचें और आसपास वन्यजीवों की मौजूदगी को देखते हुए सतर्क रहें।
वन्यजीव दिखने पर तत्काल सूचना देने की अपील
रेंज अधिकारी ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को गुलदार या कोई अन्य वन्यजीव दिखाई देता है तो उसके करीब जाने या उसे छेड़ने का प्रयास न करें। ऐसी स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
बिल्केश्वर मंदिर के आसपास गुलदार की मौजूदगी ने एक बार फिर जंगल से सटी आबादी में वन्यजीवों और इंसानी बस्ती के बीच बढ़ते संपर्क को लेकर चिंता बढ़ा दी है। वन विभाग की टीम गुलदार की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।

