हरिद्वार, 01 सितंबर। सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद कांगड़ी और आसपास की कॉलोनियों में जलभराव से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। हाईवे और जंगल की ओर से आया बारिश का पानी आबादी क्षेत्र में घुसने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। समस्या से परेशान ग्रामीण और महिलाएं मंगलवार सुबह सड़क पर उतर आए और हाईवे पर पहुंचकर जोरदार हंगामा किया।
कांगड़ी की गली नंबर छह में जलभराव
सोमवार की बारिश के बाद कांगड़ी की गली नंबर छह और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न हो गया। हाईवे से लेकर पुराने हरिद्वार मार्ग तक पानी ही पानी दिखाई दिया। ग्रामीणों को आशंका थी कि यदि बारिश दोबारा तेज हुई तो पानी घरों के अंदर तक पहुंच सकता है।
मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं गली नंबर छह के पास हाईवे पर पहुंचीं। लोगों ने आबादी क्षेत्र में बारिश का पानी आने से रोकने के लिए तत्काल स्थायी इंतजाम करने की मांग की।
सूचना मिलने पर पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष स्वामी यतीश्वरानंद, वन क्षेत्राधिकारी श्यामपुर विवेक जोशी, थानाध्यक्ष नितेश शर्मा और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
पोकलेन मशीन से शुरू हुई नाले की खुदाई
ग्रामीणों ने कहा कि केवल आश्वासन देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने मौके पर तत्काल मशीन लगाकर पानी की निकासी का रास्ता बनाने की मांग की। ग्रामीणों के दबाव के बाद पोकलेन मशीन मौके पर बुलाई गई और हाईवे से सटे जंगल के किनारे बड़े नाले की खुदाई शुरू कराई गई।
मशीन से काम शुरू होते ही ग्रामीणों का आक्रोश शांत हुआ। ग्रामीणों ने भविष्य में भी जलभराव की समस्या से बचने के लिए स्थायी जल निकासी व्यवस्था कराने की मांग की।
गाजीवाली में भी बारिश के पानी की समस्या
कांगड़ी के बाद स्वामी यतीश्वरानंद गाजीवाली क्षेत्र में भी पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने बारिश का पानी आबादी में आने की समस्या से उन्हें अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दौरान जंगल और हाईवे की ओर से आने वाला पानी बस्तियों के लिए खतरा बन जाता है।
समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्वामी यतीश्वरानंद ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की कार्यदायी संस्था के प्रमोद मलिक को तत्काल मशीन लगाकर पानी की धारा मोड़ने और जलभराव की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए।
ग्रामीणों ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से बारिश के दौरान की जाने वाली अस्थायी व्यवस्था के बजाय जल निकासी का स्थायी समाधान कराने की मांग की, ताकि भविष्य में तेज बारिश के दौरान कॉलोनियों और गांवों में पानी न घुसे।
इस दौरान मंडल अध्यक्ष विक्रम चौहान, रामसिंह रावत, ललित ढौंडियाल, पवन पंत, अर्जुन कश्यप, भुवन काला, लक्ष्मण कश्यप, रमोला, सोनू जोशी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और कॉलोनीवासी मौजूद रहे।

