देहरादून 29 जुलाई 2026। विश्व बाघ दिवस के अवसर पर देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने “एकल उपयोग प्लास्टिक प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रवर्तन” विषय पर आयोजित कार्यशाला में प्रतिभाग करते हुए उत्तराखंड को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त राज्य बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बाघ संरक्षण पर आधारित चित्र और पोस्टकार्ड का विमोचन किया। साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष में साहसिक कदम उठाने वाले तथा वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया।
प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड के लिए जनभागीदारी जरूरी: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध का प्रभावी पालन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी, जन-जागरूकता और नागरिकों के सहयोग की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ चल रहे अभियान को जन-आंदोलन का रूप देना होगा, तभी उत्तराखंड को प्लास्टिक मुक्त बनाने का लक्ष्य पूरा किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने और दैनिक उपयोग में प्लास्टिक के विकल्पों को बढ़ावा देने की अपील की।
बाघ संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का गहरा संबंध
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व बाघ दिवस पर आयोजित यह कार्यशाला केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित भविष्य सुनिश्चित करने का सामूहिक संकल्प है।
उन्होंने कहा कि बाघ केवल एक वन्यजीव नहीं है, बल्कि देश की जैव विविधता और संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र का प्रतीक है। जंगलों की सुरक्षा से ही बाघों और अन्य वन्यजीवों का संरक्षण संभव है। उन्होंने कहा कि जब वन सुरक्षित रहेंगे, तभी प्रकृति का संतुलन भी कायम रहेगा।
वन्यजीवों के लिए खतरा बन रहा प्लास्टिक कचरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण, नदियों, मिट्टी, जल स्रोतों और वन्यजीवों के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। वन क्षेत्रों में छोड़ा गया प्लास्टिक कई बार वन्यजीवों के भोजन में मिल जाता है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने कहा कि जंगलों, नदियों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ प्रभावी और निर्णायक अभियान चलाना समय की आवश्यकता है।

चारधाम यात्रा मार्गों और पर्यटन स्थलों पर विशेष अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान, निरीक्षण और प्रवर्तन की कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा मार्गों और प्रमुख पर्यटन स्थलों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्लास्टिक अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन और पुनर्चक्रण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से कपड़े के थैले, जूट उत्पाद और अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से प्राकृतिक स्थलों पर प्लास्टिक या अन्य कचरा नहीं छोड़ने की अपील की।
उन्होंने उद्योग जगत से पर्यावरण अनुकूल पैकेजिंग और आधुनिक पुनर्चक्रण तकनीकों को अपनाने तथा युवाओं से विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम सभाओं, स्वयं सहायता समूहों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से अभियान को आगे बढ़ाने का आग्रह किया।
कार्यशाला में मेयर देहरादून श्री सौरभ थपलियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष टिहरी सुश्री इशिता सजवाण, प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक हॉफ श्री कपिल लाल, प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव सुश्री नीना ग्रेवाल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते सहित कई विशेषज्ञ और अधिकारी उपस्थित रहे।



