नई दिल्ली, 23 अगस्त। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े स्टार्टअप के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और संस्थापकों के साथ बातचीत की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के व्यापक इस्तेमाल पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बातचीत का वीडियो एक्स पर साझा करते हुए कहा कि भारत के प्रतिभाशाली अंतरिक्ष स्टार्टअप से मिलकर वे प्रभावित हुए। उन्होंने लोगों से भारत की अंतरिक्ष यात्रा को लेकर उनकी सबसे अधिक उत्साहित करने वाली बात बताने का आग्रह भी किया।
जोखिम लेने वाले युवाओं का बढ़ाया उत्साह
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष क्षेत्र में नए प्रयोग करने वाले उद्यमियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने एक नए क्षेत्र में साहस दिखाया है और सरकार पर भरोसा किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार को अपने फैसलों पर अडिग रहना चाहिए और बार-बार बदलाव नहीं करना चाहिए, ताकि जोखिम उठाने वाले लोगों को भरोसा रहे। उन्होंने कहा कि सरकार की स्थिर नीति से नए क्षेत्रों में काम करने वालों का विश्वास बढ़ता है।
हर सप्ताह और हर दिन रॉकेट प्रक्षेपण का सपना
भारत के पहले अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी यूनिकॉर्न के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने प्रधानमंत्री को बताया कि 18 जुलाई को भारत का पहला निजी रॉकेट सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया था। उन्होंने कहा कि यह अभी शुरुआत है और अगले वर्ष हर महीने एक रॉकेट प्रक्षेपित करने की योजना पर काम चल रहा है।
उन्होंने बताया कि इसके लिए तीन कारखाने तैयार हैं और इनमें प्रत्येक महीने एक रॉकेट बनाने की क्षमता है। उनका लक्ष्य आगे चलकर हर सप्ताह और फिर हर दिन एक रॉकेट प्रक्षेपित करना है।
अत्याधुनिक इंजन और वैश्विक अवसर
एक अन्य मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने प्रधानमंत्री को बताया कि उनकी कंपनी ने आधुनिक इंजनों में शामिल एक इंजन विकसित किया है और इसकी जांच जारी है।
एक अन्य उद्यमी ने बताया कि अंतरिक्ष उद्योग के अवसर बढ़ने के बाद अमेरिका और यूरोप में रह रहे लोग भी भारत आकर काम करना चाहते हैं। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत को दुनिया भर के लोगों को इस क्षेत्र में काम करने के लिए आकर्षित करना होगा। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय उद्यमियों के प्रयासों से ऐसा संभव हो सकता है।
उपग्रह इंजन और अंतरिक्ष आधारित औषधि निर्माण
एक अन्य मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि उनकी कंपनी उपग्रहों के इंजन बनाती है और उसे वैश्विक स्तर पर अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने निर्यात के लिए भारत सरकार से मिले सहयोग का भी उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लागत के मामले में भारत प्रतिस्पर्धी है और प्रतिभा के मामले में भी देश की क्षमता पर कोई सवाल नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीयों में जोखिम उठाने की क्षमता अधिक है और इसी कारण भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में तेजी से अपनी जगह बना सकता है।
अंतरिक्ष आधारित औषधि क्षेत्र से जुड़े एक स्टार्टअप ने प्रधानमंत्री को बताया कि वह भारत का पहला ऐसा औषधि स्टार्टअप है, जो ऐसे उपग्रह तैयार कर रहा है जिनमें अंतरिक्ष में औषधियों का निर्माण किया जा सके और उन्हें वापस पृथ्वी पर लाया जा सके।


