हरिद्वार, 05 सितंबर। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर परिवहन विभाग ने शनिवार को रोशनाबाद स्थित हरिद्वार एआरटीओ कार्यालय में व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर सख्त कदम उठाए। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) निखिल शर्मा और एआरटीओ (प्रवर्तन) नेहा झा ने कार्यालय परिसर का संयुक्त औचक निरीक्षण किया। अचानक हुई कार्रवाई से कार्यालय में हड़कंप की स्थिति रही।
कार्यालय की कार्यप्रणाली और लंबित मामलों की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कार्यालय के विभिन्न पटलों और अनुभागों की कार्यप्रणाली का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान अभिलेखों और पंजिकाओं के रखरखाव, ई-ऑफिस प्रणाली की कार्य स्थिति तथा लंबे समय से लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को सभी रिकॉर्ड अद्यतन रखने के निर्देश दिए। साथ ही आम जनता से जुड़े कार्यों का पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि लोगों को अपने परिवहन संबंधी कार्यों के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
कार्यालय परिसर से हटाए गए अनधिकृत ढाबे
हरिद्वार एआरटीओ कार्यालय में निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी कार्रवाई परिसर और उसके आसपास किए गए अतिक्रमण को लेकर हुई। अधिकारियों ने परिसर के अंदर और बाहर अनधिकृत रूप से संचालित ढाबों को हटवाया।
इसके अलावा कार्यालय परिसर में कुर्सी-मेज लगाकर बैठे संदिग्ध लोगों तथा बिना किसी वैध कार्य के घूम रहे लोगों को भी वहां से हटाया गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि कार्यालय परिसर में अनधिकृत गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बिचौलियों से दूर रहने की अपील
परिवहन विभाग ने सख्त चेतावनी दी है कि भविष्य में कोई व्यक्ति बिना वैध कार्य के कार्यालय परिसर में पाया गया या किसी अनधिकृत गतिविधि में शामिल मिला तो उसके खिलाफ नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वे लाइसेंस, पंजीकरण और अन्य परिवहन संबंधी कार्य निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्वयं कराएं और किसी भी बिचौलिए के संपर्क में न आएं।



