नई दिल्ली, 12 अगस्त। केंद्र सरकार ने बुधवार को लोकसभा में बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार के विभागों के खिलाफ 18.33 लाख से अधिक लोक शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 18,12,923 शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है। यह जानकारी केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
18.33 लाख शिकायतों में से 18.12 लाख का निपटारा
केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि 2025-26 के दौरान केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों के खिलाफ कुल 18,33,972 लोक शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 18,12,923 शिकायतों का निपटारा किया गया।
मंत्री के अनुसार, इससे पहले 2024-25 में केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों से संबंधित 16,73,645 जन शिकायतें मिली थीं। वहीं, 2023-24 के दौरान ऐसी शिकायतों की संख्या 17,37,599 रही।
सीपीग्राम्स के जरिए दर्ज होती हैं शिकायतें
जितेंद्र सिंह ने बताया कि ये सभी शिकायतें केंद्रीयकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (सीपीग्राम्स) के माध्यम से प्राप्त हुईं। इस ऑनलाइन प्रणाली के जरिए नागरिक केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों से संबंधित अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने सीपीग्राम्स को मजबूत और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इन सुधारों का उद्देश्य शिकायत दर्ज करने और उनके निपटारे की प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाना है।
शिकायत निपटारे की समय-सीमा 30 से घटाकर 21 दिन
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सीपीग्राम्स की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी अपनाने सहित कई सुधार किए गए हैं। इसके अलावा फीडबैक कॉल सेंटर शुरू किया गया है और मोबाइल ऐप आदि के माध्यम से भी सीपीग्राम्स को उपलब्ध कराया गया है।
सरकार ने शिकायत निपटारे की निर्धारित समय-सीमा को 30 दिन से घटाकर 21 दिन कर दिया है। इसके साथ ही शिकायत दर्ज करने के लिए एआई आधारित बहुभाषी ‘वॉयस-फर्स्ट’ चैटबॉट ‘समाधान दीदी’ भी लॉन्च किया गया है।
सरकार के अनुसार, सीपीग्राम्स में किए गए इन सुधारों के माध्यम से नागरिकों के लिए शिकायत दर्ज कराने और उनके निपटारे की प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।


