नई टिहरी, 21 अगस्त। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और एनालॉग पनीर सहित गैर-दुग्ध उत्पादों के अनधिकृत प्रयोग पर रोक लगाने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को सघन खाद्य सुरक्षा चेकिंग अभियान चलाया। ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे पर मुनिकीरेती, तपोवन, ब्यासी, शिवपुरी और तीनधारा स्थित विभिन्न होटल, रेस्टोरेंट, बेकर्स और अन्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।
किचन और स्टोर की हुई जांच
अभियान के दौरान प्रतिष्ठानों के किचन और स्टोर का निरीक्षण कर खाद्य निर्माण में इस्तेमाल होने वाले दुग्ध पदार्थों के वास्तविक स्रोत की जानकारी ली गई। इसके साथ ही अन्य कच्चे माल की खरीद और उसके बिल, निर्माण प्रक्रिया में इस्तेमाल सामग्री, उत्पादों की लेबलिंग एवं पैकेजिंग, बैच नंबर, निर्माण तिथि और आवश्यक घोषणाओं की भी जांच की गई।
टीम ने किचन में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों का भी जायजा लिया। अलोहा, रोजेट और होटल ताज जैसे प्रतिष्ठानों के किचन एवं स्टोर में खाद्य पदार्थों के भंडारण की स्थिति की जांच की गई।
एफआईएफओ प्रणाली के पालन के निर्देश
निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के भंडारण में एफआईएफओ (फर्स्ट इन-फर्स्ट आउट) प्रणाली के अनुपालन की भी जांच की गई। इसके अलावा खाद्य निर्माण में प्रयुक्त पानी की जांच रिपोर्ट और किचन में कार्यरत कर्मचारियों के चिकित्सीय परीक्षण से संबंधित अभिलेख भी देखे गए।
खाद्य सुरक्षा टीम ने प्रतिष्ठानों के संचालकों को किचन में स्वच्छता बनाए रखने तथा एफआईएफओ प्रणाली का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए।
सात खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए भेजे
निरीक्षण के दौरान संदेह के आधार पर प्रतिष्ठानों से दाल, आटा, पोहा, सब्जी, चीनी, मैदा और बेकरी उत्पाद के कुल सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। विभाग के अनुसार जांच रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा चेकिंग अभियान के दौरान विभाग की टीम ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, निर्माण प्रक्रिया, भंडारण और स्वच्छता से जुड़े विभिन्न मानकों की जांच की।
निरीक्षण टीम में उपायुक्त गढ़वाल मंडल राजेंद्र सिंह रावत, सहायक आयुक्त खाद्य प्रमोद रावत और वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी बलवंत चौहान मौजूद रहे।



