गोपेश्वर, 21 अगस्त। विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) की टेल रेस टनल (टीआरडी) में 13 अगस्त को हुई दुर्घटना के बाद प्रभावित श्रमिकों और उनके आश्रितों को मुआवजा देने पर टीएचडीसीआईएल, हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (एचसीसी) और श्रमिक संघ के बीच सहमति बन गई है। समझौते के अनुसार मृतक श्रमिकों के आश्रितों को विभिन्न स्रोतों से मिलने वाली सहायता को मिलाकर करीब 45 लाख रुपये तथा घायल श्रमिकों को 3.50 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता दी जाएगी।
मृतक श्रमिकों के आश्रितों को मिलेगी करीब 45 लाख की सहायता
शुक्रवार को चमोली के एसडीएम आरके पांडेय की अध्यक्षता में टीएचडीसीआईएल, एचसीसी और हिंदुस्तान जल विद्युत परियोजना निर्माण श्रमिक संघ के प्रतिनिधियों के बीच संयुक्त वार्ता हुई। श्रमिक संघ ने हादसे से प्रभावित श्रमिकों और उनके आश्रितों को सम्मानजनक एवं समुचित अनुग्रह सहायता उपलब्ध कराने की मांग रखी।
वार्ता के बाद बनी सहमति के मुताबिक प्रत्येक मृतक श्रमिक के आश्रित को मिलने वाली करीब 45 लाख रुपये की कुल सहायता में टीएचडीसीआईएल की ओर से 11.50 लाख रुपये और एचसीसी की ओर से 11.50 लाख रुपये शामिल होंगे। इसके अलावा राज्य सरकार, केंद्र सरकार, श्रमिक मुआवजा और अन्य स्रोतों से मिलने वाली अनुग्रह राशि भी कुल सहायता में शामिल की जाएगी।
वहीं, प्रत्येक घायल श्रमिक को कुल 3.50 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता देने पर सहमति बनी है।
दस्तावेज सत्यापन के बाद एक सप्ताह में भुगतान
सहमति पत्र में कहा गया है कि मृतक श्रमिकों के आश्रितों और घायल श्रमिकों से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्राप्त होने, उनके सत्यापन और सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद निर्धारित राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी। संबंधित विभागों को यह कार्रवाई एक सप्ताह के भीतर पूरी करने के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे।
वार्ता में शामिल रहे अधिकारी और श्रमिक संघ के पदाधिकारी
वार्ता में टीएचडीसीआईएल की ओर से अधिशासी निदेशक अजय वर्मा, महाप्रबंधक रवींद्र सिंह राणा, अपर महाप्रबंधक शंभू प्रसाद डोभाल और वरिष्ठ प्रबंधक वीरेंद्र दत्त भट्ट मौजूद रहे। एचसीसी की ओर से प्रोजेक्ट मैनेजर विनोद कुमार, अधिशासी अभियंता विनय कुमार उपाध्याय और वरिष्ठ प्रबंधक गौतम विश्वास ने हिस्सा लिया।
श्रमिक संघ की ओर से महामंत्री सोहन कुमार, उपाध्यक्ष गोपाल सिंह नेगी, कार्यालय सचिव समीर शाह, सह-सचिव सूरज कुमार, संगठन मंत्री जितेंद्र कुमार और कोषाध्यक्ष पवन खंडूड़ी समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।



