बुखारेस्ट, 24 जुलाई। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार को बुखारेस्ट में आयोजित भारत-रोमानिया व्यापार मंच को संबोधित करते हुए भारत और रोमानिया के बीच आर्थिक, व्यापारिक और निवेश संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का आह्वान किया। उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के शीघ्र और प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि यह समझौता वैश्विक व्यापार और निवेश को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।
कार्यक्रम में रोमानिया के राष्ट्रपति निकुसोर डैन, रोमानिया सरकार के वरिष्ठ प्रतिनिधि, दोनों देशों के उद्योग जगत के प्रमुख कारोबारी, निवेशक तथा व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
रोमानिया भारत का स्वाभाविक और रणनीतिक साझेदार
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि यूरोप के प्रमुख संपर्क बिंदु पर स्थित रोमानिया अपनी रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, कुशल मानव संसाधन, मजबूत औद्योगिक आधार और यूरोपीय संघ के साथ गहरे एकीकरण के कारण भारत का महत्वपूर्ण और स्वाभाविक साझेदार है। उन्होंने कहा कि रोमानिया केवल निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य ही नहीं, बल्कि व्यापक यूरोपीय बाजार तक पहुंच का महत्वपूर्ण द्वार भी है।
उन्होंने कहा कि व्यापार मंच में बड़ी संख्या में भारतीय उद्योग प्रतिनिधियों की भागीदारी यह दर्शाती है कि भारतीय उद्योग जगत का रोमानिया की आर्थिक संभावनाओं पर विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है और दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक व्यापारिक साझेदारी की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।
भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर दिया विशेष जोर
राष्ट्रपति ने कहा कि व्यापार और आर्थिक सहयोग भारत तथा यूरोपीय संघ की आधुनिक रणनीतिक साझेदारी का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि लगभग दो अरब लोगों के संयुक्त बाजार और करीब 25 ट्रिलियन डॉलर की संयुक्त अर्थव्यवस्था के साथ भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदारियों में से एक बनने की क्षमता रखता है।
उन्होंने कहा कि इस समझौते के माध्यम से व्यापारिक एकीकरण को मजबूती मिलेगी, निवेश प्रवाह में वृद्धि होगी और मजबूत एवं विविध आपूर्ति श्रृंखलाओं का निर्माण संभव होगा।
एमएसएमई, स्टार्टअप और नवाचार को मिलेगा लाभ
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि मुक्त व्यापार समझौते का शीघ्र और प्रभावी क्रियान्वयन कारोबार के लिए भरोसेमंद वातावरण तैयार करेगा। इससे मूल्य श्रृंखलाओं का एकीकरण मजबूत होगा और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों, स्टार्टअप तथा नवाचार क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों के लिए नए अवसर उपलब्ध होंगे।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के उद्यमी इस साझेदारी के माध्यम से वैश्विक बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को और मजबूत कर सकेंगे।
‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य का किया उल्लेख
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत वर्तमान में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस परिवर्तनकारी यात्रा में अंतरराष्ट्रीय निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग और वैश्विक साझेदारी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। भारत लगातार निवेशकों के लिए अनुकूल और पारदर्शी कारोबारी वातावरण तैयार कर रहा है।
निवेशकों के लिए बेहतर कारोबारी माहौल
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारत कर व्यवस्था को सरल बनाने, प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और उत्पादन आधारित प्रोत्साहन जैसी योजनाओं के माध्यम से निवेश को प्रोत्साहित कर रहा है। इन सुधारों का उद्देश्य वैश्विक निवेशकों को स्थिर और भरोसेमंद कारोबारी वातावरण उपलब्ध कराना है।
ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और परिवहन में सहयोग की अपार संभावनाएं
उन्होंने कहा कि भारत और रोमानिया ऊर्जा सुरक्षा तथा हरित ऊर्जा परिवर्तन के क्षेत्र में व्यापक सहयोग कर सकते हैं। रसायन और उर्वरक उद्योग में रोमानिया की विशेषज्ञता तथा भारत की बढ़ती औद्योगिक क्षमता दोनों देशों के लिए नए अवसर पैदा कर सकती है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत का मजबूत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना तंत्र, तेजी से विकसित हो रहा स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की विशेषज्ञता, रोमानिया की सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, साइबर सुरक्षा, अनुसंधान और उन्नत प्रौद्योगिकी की क्षमताओं के साथ मिलकर उल्लेखनीय परिणाम दे सकती है।
उन्होंने परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। बंदरगाह, रेलवे, राजमार्ग, लॉजिस्टिक्स पार्क और बहु-माध्यम परिवहन के क्षेत्रों में दोनों देशों की कंपनियों के लिए पर्याप्त अवसर मौजूद हैं। इसके अलावा औषधि, स्वास्थ्य सेवाएं, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी को और मजबूत बनाया जा सकता है।
व्यापारिक साझेदारी को नई गति देने का आह्वान
अपने संबोधन के समापन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत और रोमानिया का उद्योग जगत इन नए अवसरों का भरपूर लाभ उठाएगा और उन्हें मजबूत व्यावसायिक साझेदारियों में बदलेगा। उन्होंने रोमानियाई कंपनियों से भारत की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि दोनों देशों के उद्योग मिलकर मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाएं विकसित कर सकते हैं, रोजगार सृजित कर सकते हैं, नवाचार को बढ़ावा दे सकते हैं और साझा समृद्धि का नया अध्याय लिख सकते हैं।

