हरिद्वार, 23 जुलाई। स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हरिद्वार में परिवहन विभाग का विशेष जांच अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के दौरान विभिन्न सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले 45 स्कूल वाहनों का चालान किया गया।
परिवहन विभाग की टीमों ने जिले के विभिन्न विद्यालयों और प्रमुख मार्गों पर संचालित स्कूल बसों तथा अन्य विद्यालय वाहनों की गहन जांच की। इस दौरान फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, चालक के वैध ड्राइविंग लाइसेंस, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, लेडी अटेंडेंट की उपलब्धता और अन्य अनिवार्य सुरक्षा प्रावधानों का सत्यापन किया गया।
जांच में सामने आईं कई गंभीर कमियां
निरीक्षण के दौरान कई वाहनों में फिटनेस प्रमाणपत्र और परमिट का अभाव पाया गया। कुछ वाहनों के चालकों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था, जबकि कई वाहनों में अग्निशमन यंत्र और प्राथमिक उपचार बॉक्स भी उपलब्ध नहीं मिले। इसके अलावा निर्धारित मानकों के अनुरूप लेडी अटेंडेंट की अनुपस्थिति भी सामने आई।
इन सभी अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए मोटरयान अधिनियम के तहत 45 विद्यालय वाहनों के चालान किए गए।
विद्यालय प्रबंधन को दी गई सख्त चेतावनी
अभियान के दौरान परिवहन विभाग ने विद्यालय प्रबंधन और वाहन संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी आवश्यक दस्तावेजों और सुरक्षा उपकरणों के बिना किसी भी स्कूल वाहन का संचालन न किया जाए।
अधिकारियों ने कहा कि स्कूल वाहनों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना विद्यालय प्रबंधन और वाहन संचालकों की संयुक्त जिम्मेदारी है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अभियान आगे भी रहेगा जारी
परिवहन विभाग के अनुसार विद्यालय वाहनों की नियमित जांच आगे भी जारी रहेगी। अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि सभी स्कूल वाहनों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित कर विद्यार्थियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है।
अभियान में परिवहन कर अधिकारी मुकेश भारती, परिवहन कर अधिकारी वरुणा सैनी, परिवहन उपनिरीक्षक अश्वनी कुमार सहित विभाग की प्रवर्तन टीम मौजूद रही।


