हल्द्वानी, 14 अगस्त। भारत विभाजन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान देने वाले लोगों की स्मृति और सम्मान में शुक्रवार, 14 अगस्त को पूरे देश के साथ नैनीताल जनपद में भी विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्य कार्यक्रम हल्द्वानी के खालसा इंटर कॉलेज में हुआ, जहां विभाजन की पीड़ा झेलने वाले लोगों ने अपने अनुभव साझा किए और उन्हें सम्मानित भी किया गया।
दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ
मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ नगर निगम हल्द्वानी के महापौर गजराज बिष्ट, दर्जा राज्यमंत्री नवीन वर्मा, विभाजन की पीड़ा झेल चुके सरदार बलवंत सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर विभाजन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान देने वाले असंख्य लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही विस्थापन और विभाजन की पीड़ा झेलने वाले परिवारों के संघर्ष और त्याग को नमन किया गया।
कार्यक्रम में विभाजन का दंश झेल चुके लोगों ने उस दौर के अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान इन विभूतियों को सम्मानित भी किया गया।
विभाजन की त्रासदी से सीख लेने का आह्वान
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि भारत के विभाजन का इतिहास अत्यंत पीड़ादायक रहा है। विभाजन के दौरान लाखों लोगों को अपने घर-परिवार, संपत्ति और मातृभूमि से विस्थापित होना पड़ा। बड़ी संख्या में लोगों को अपने प्राण भी गंवाने पड़े।
वक्ताओं ने कहा कि विभाजन की यह त्रासदी सामाजिक एकता, भाईचारे, सौहार्द और मानवता के मूल्यों को और अधिक मजबूत करने की प्रेरणा देती है। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का उद्देश्य विभाजन के दौरान पीड़ित हुए लोगों के संघर्ष, त्याग और बलिदान को स्मरण करना तथा भावी पीढ़ी को उस दौर की त्रासदी से अवगत कराना है।
दो मिनट का मौन रखकर लिया एकता का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान दो मिनट का मौन धारण कर विभाजन विभीषिका में दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके साथ ही देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने का संकल्प लिया गया।
आयोजकों और वक्ताओं ने कहा कि इस दिवस के माध्यम से समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता की भावना को और मजबूत करने की प्रेरणा मिलती है।



