नैनीताल, 25 अगस्त।
कैंची, छड़ा, खैरना और गरमपानी में हुई कार्रवाई
खाद्य संरक्षा आयुक्त, औषधि प्रशासन उत्तराखंड और जिलाधिकारी के निर्देश पर मंगलवार को संयुक्त टीम ने श्रीकैंचीधाम क्षेत्र के कैंची, छड़ा, खैरना और गरमपानी में खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया। टीम ने एक दर्जन से अधिक रेस्टोरेंट, किराना, फल-सब्जी और मिठाई प्रतिष्ठानों की जांच की।
निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर संतरा जूस, आंवला जूस और मलाई पेड़ा के तीन खाद्य नमूने लिए गए। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। वहीं, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का अनुपालन नहीं करने पर दो प्रतिष्ठानों को ऑनलाइन नोटिस जारी किए गए हैं। निर्धारित 15 दिन की अवधि में अनुपालन नहीं होने पर न्यायालय में चालान की कार्रवाई की जाएगी।
कालातीत खाद्य सामग्री मिलने पर भी कार्रवाई प्रस्तावित
निरीक्षण के दौरान एक प्रतिष्ठान में कालातीत खाद्य सामग्री भी मिली। इस मामले में न्यायालय में चालान की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी असलम खान ने बताया कि आगामी रक्षाबंधन और जन्माष्टमी पर्व को देखते हुए विभाग की ओर से विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने प्रतिष्ठान संचालकों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री बेचने और बिना बिल के खाद्य सामग्री की खरीद नहीं करने के निर्देश दिए।
स्वच्छता और खाद्य गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश
प्रतिष्ठान संचालकों को स्टॉक का विवरण रखने, कालातीत खाद्य सामग्री का भंडारण और बिक्री नहीं करने तथा प्रतिष्ठानों में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने के लिए कहा गया। पैक्ड खाद्य पदार्थों पर निर्माण एवं समाप्ति तिथि और बैच नंबर स्पष्ट रूप से अंकित रखने, रेट लिस्ट प्रदर्शित करने तथा ग्राहकों को बिल और कैश मेमो देने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा खाद्य प्रतिष्ठानों में एफएसएसएआई लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदर्शित करना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने को कहा गया। असलम खान ने स्पष्ट किया कि मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से भी मिलावट की आशंका होने पर विभाग को सूचना देने की अपील की।
निरीक्षण करने वाली संयुक्त टीम में तहसीलदार भुवन भंडारी सहित अन्य संबंधित विभागीय कर्मचारी शामिल रहे।



