चम्पावत, 25 अगस्त।
जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन की योजनाओं की समीक्षा
जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन को लेकर चम्पावत जिला प्रशासन ने जल संरक्षण से जुड़े कार्यों की निगरानी तेज कर दी है। जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को स्प्रिंग एंड रिवर रिजूविनेशन अथॉरिटी के अंतर्गत स्वीकृत विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्वक और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में नौले-धारों के पुनर्जीवन के साथ रिचार्ज पिट, चाल-खाल, चेकडैम, गली प्लग और असिस्टेड नेचुरल रिचार्ज से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं को लंबित कार्यों में तेजी लाने और उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।
जल संरक्षण कार्यों की गुणवत्ता पर रहेगी नजर
जिलाधिकारी ने लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को जल संरक्षण से जुड़े कार्यों का नियमित स्थलीय निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति पर लगातार नजर रखने के साथ नियमित समीक्षा बैठक आयोजित कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
गौड़ी नदी परियोजना को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश
बैठक में ‘एक जनपद-एक नदी’ अभियान के तहत चयनित गौड़ी नदी परियोजना की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को परियोजना के लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। कालसन-भोलेश्वर परियोजना में चल रहे कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
जिलाधिकारी ने ‘जल संचय, जन भागीदारी’ अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की प्रगति संबंधित पोर्टल पर नियमित रूप से अद्यतन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और जल स्रोतों के पुनर्जीवन से जुड़ी योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए, जिससे आमजन की भागीदारी बढ़े और जल संरक्षण को जनअभियान का रूप दिया जा सके।
बैठक में डीएफओ ढिनो पुरुषोत्तमन, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई विमल कुमार सूंठा, बीडीओ पाटी मोनिका पाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।



