नई दिल्ली, 22 जुलाई। नीट पेपर लीक विवाद को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच भारतीय जनता पार्टी की सांसद बांसुरी स्वराज ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि देश का युवा अराजकता का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग आंदोलन के नाम पर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में बांसुरी स्वराज ने कहा कि केंद्र सरकार ने पूरे मामले में संवेदनशीलता के साथ काम किया है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान किया गया है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन में नहीं डाली गई बाधा
बांसुरी स्वराज ने कहा कि आंदोलन के संयोजक अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी। इसके बाद प्रदर्शनकारी कई दिनों तक जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे रहे और जब तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं और सार्वजनिक व्यवस्था का सम्मान करना भी जरूरी है।
संसद मार्च को लेकर पुलिस कार्रवाई पर रखा पक्ष
भाजपा सांसद ने कहा कि 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों की ओर से संसद मार्च का आह्वान किया गया था। उन्होंने दावा किया कि संसद घेराव की कोशिश बिना अनुमति के की गई थी। इसके बावजूद दिल्ली पुलिस ने संयम बरतते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्थाओं में से एक है और उसकी गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
सरकार बातचीत के लिए हमेशा तैयार रही: बांसुरी
बांसुरी स्वराज ने दावा किया कि केंद्र सरकार शुरुआत से ही प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने के पक्ष में रही है। उन्होंने कहा कि जब प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की थी, तब उनकी मांगों की लिखित सूची उपलब्ध नहीं थी।
उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों से मांगों को लिखित रूप में देने को कहा गया, जिसके बाद करीब ढाई घंटे में मांगों की सूची तैयार की गई। बांसुरी स्वराज के अनुसार, सरकार ने बातचीत के जरिए समाधान निकालने का भरोसा दिया था और प्रदर्शन समाप्त करने की अपील भी की गई थी।
भ्रामक दावों से बचने की अपील
भाजपा सांसद ने आंदोलन के दौरान किए गए कुछ दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई ऐसी बातें सामने रखी गईं जिनका वास्तविक तथ्यों से संबंध नहीं था। उन्होंने 12 वर्षीय बच्ची के घायल होने के दावे को भी गलत बताया और कहा कि ऐसी सूचनाओं से भ्रम की स्थिति पैदा होती है।
एनटीए की परीक्षाओं का दिया हवाला
बांसुरी स्वराज ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने जेईई, सीयूईटी और नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं का आयोजन कराया है। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत है कि पूरी परीक्षा व्यवस्था खत्म हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और छात्रों का विश्वास बनाए रखने के लिए लगातार काम कर रही है। नीट विवाद के बीच सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।


