हरिद्वार, 05 सितंबर। नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बीच हरिद्वार के गोर्खाली समाज ने मानवीय संवेदना की मिसाल पेश की है। गोर्खाली महिला कल्याण समिति ने 6 सितंबर को प्रस्तावित हरतालिका तीज महोत्सव को स्थगित करने का निर्णय लिया है। शनिवार को आयोजित समिति की बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि महोत्सव के आयोजन पर खर्च होने वाली राशि को नेपाल के आपदा प्रभावित लोगों की सहायता के लिए नेपाल राहत कोष में भेजा जाएगा।
आपदा प्रभावित परिवारों के साथ खड़े होने का फैसला
समिति पदाधिकारियों ने कहा कि पड़ोसी देश नेपाल में बड़ी संख्या में लोग प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं। ऐसे कठिन समय में उत्सव मनाने के बजाय पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना अधिक जरूरी है। समिति के संरक्षक पदम प्रसाद सुबेदी ने कहा कि संकट की इस घड़ी में गोर्खाली समाज की जिम्मेदारी है कि वह आपदा पीड़ितों के साथ खड़ा हो और हरसंभव मदद करे।
समिति की अध्यक्ष पदमा पांडेय ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए समिति ने मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि समिति अपने परिचितों और समाज के लोगों से भी आर्थिक सहयोग जुटाएगी, ताकि नेपाल राहत कोष में अधिक से अधिक सहायता भेजी जा सके।
राहत राशि जुटाने के लिए चलेगा अभियान
महामंत्री शारदा सुबेदी ने बताया कि नेपाल के लिए राहत राशि एकत्र करने के उद्देश्य से अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने सभी लोगों से अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करने की अपील की। समिति का कहना है कि छोटी-छोटी मदद भी आपदा प्रभावित जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ा सहारा बन सकती है।
गिरवर नाथ जन कल्याण धर्मार्थ ट्रस्ट के अध्यक्ष कमल खड़का ने समिति के फैसले का स्वागत किया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। कोषाध्यक्ष रेखा शर्मा, चंपा उपाध्याय और भावना शर्मा ने भी निर्णय को उचित बताते हुए कहा कि इस बार उत्सव मनाने के बजाय पीड़ितों के साथ खड़े होने का समय है।



