उत्तरकाशी, 05 सितंबर। आस्था और भक्ति से सराबोर यमुनोत्री धाम में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। आराध्य देव सोमेश्वर महाराज की डोली के सानिध्य में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में स्थानीय लोगों के साथ दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। भजन-कीर्तन से पूरा यमुनोत्री धाम कृष्णमय हो उठा।
फूलों से सजाया गया यमुनोत्री मंदिर
जन्माष्टमी के अवसर पर यमुनोत्री मंदिर को आकर्षक ढंग से फूलों से सजाया गया था। मंदिर परिसर में दिनभर भजन-कीर्तन का आयोजन चलता रहा। भक्तिमय वातावरण के बीच श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए।
इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण और मां यमुना के जयकारे लगाए। धार्मिक कार्यक्रम में स्थानीय लोगों और बाहर से पहुंचे श्रद्धालुओं की भागीदारी से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्साह और बढ़ गया।
भंडारे में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
मंदिर समिति की ओर से जन्माष्टमी के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। धार्मिक आयोजन के साथ भंडारे ने श्रद्धालुओं के बीच सामूहिक सहभागिता और आस्था के भाव को और मजबूत किया।
यमुनोत्री धाम में जन्माष्टमी को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। मंदिर परिसर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान दिनभर भक्ति और श्रद्धा का माहौल बना रहा।
आध्यात्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का प्रयास
मंदिर समिति के सचिव सुनील उनियाल, पुरुषोत्तम उनियाल, मुरलीधर उनियाल, रमेश उनियाल और राघवानन्द उनियाल आदि ने कहा कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से यमुनोत्री धाम की आध्यात्मिक परंपराओं और संस्कृति को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम ने यमुनोत्री धाम की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक प्रस्तुत की। भजन-कीर्तन, जयकारों और श्रद्धालुओं की सहभागिता से पूरा धाम भक्तिभाव में डूबा रहा।



