उत्तरकाशी, 05 सितंबर। पुरोला के श्रीकोट गांव में मां भगवती मंदिर परिसर में आयोजित दो दिवसीय ध्याणी-मैती मिलन समारोह शनिवार को विधिवत रूप से संपन्न हो गया। समारोह में दूर-दराज के गांवों में ब्याही ध्याणियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान गांव में पारंपरिक रीति-रिवाजों और धार्मिक उत्साह के साथ समारोह मनाया गया।
देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर भेंट किए आभूषण
समारोह के दौरान ध्याणियों ने अपने आराध्य देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की। उन्होंने देवी-देवताओं को सोने और चांदी के आभूषण भी भेंट किए। शनिवार को आयोजित मुख्य कार्यक्रम में ध्याणियों ने गांव की भगवती मां को सोने की मूर्ति भेंट की।
इसके अलावा शिरगुल महाराज, पांडवों और मातृ देवियों को चांदी के छत्र श्रद्धापूर्वक अर्पित किए गए। धार्मिक परंपराओं और पारिवारिक भावनाओं से जुड़े इस आयोजन में ध्याणियों और मैतियों के बीच आत्मीय मिलन देखने को मिला।
सामूहिक भंडारे में शामिल हुए ग्रामीण और मेहमान
ध्याणी-मैती मिलन समारोह के दौरान घर-घर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ त्योहार मनाया गया। वहीं, मेला समिति की ओर से ध्याणियों, बाहर से आए मेहमानों और रिश्तेदारों के सम्मान में सामूहिक भंडारे का आयोजन किया गया।
ग्रामीणों ने ध्याणियों को स्मृति चिह्न के रूप में इष्ट देवी-देवताओं की देव डोली के सुंदर फोटो भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद सभी ने सामूहिक भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
ढोल-नगाड़ों पर तांदी गीत और रासों नृत्य
समारोह में ध्याणियों और मैतियों ने ढोल-नगाड़ों की धुन पर तांदी गीतों और रासों नृत्य के साथ दिनभर उत्साहपूर्वक जश्न मनाया। पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य ने समारोह के माहौल को जीवंत बनाए रखा।
समारोह में प्रधान अरूणा सरियाल, दिनेश खत्री, घनश्याम, अजयपाल, दर्शन लाल, मदन लाल, चेतन लाल, भागी राम, प्रवीण कुमार, बीरेंद्र बसियाल और राजेंद्र कुमार समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।



