नई टिहरी, 18 अगस्त। भिलंगना ग्राम प्रधान संगठन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर पहाड़ी क्षेत्रों में वीबी-जी राम जी योजना के तहत श्रमिकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति ऑफलाइन दर्ज किए जाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि कई गांवों में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं होने के कारण श्रमिकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो पा रही है, जिससे उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
नेटवर्क की समस्या से श्रमिकों को परेशानी
मंगलवार को भिलंगना ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष यशवंत सिंह गुसाईं के नेतृत्व में प्रधानों ने जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल के माध्यम से मुख्यमंत्री को 10 सूत्री मांग पत्र भेजा।
अध्यक्ष यशवंत सिंह गुसाईं और संरक्षक राजेंद्र परमार ने कहा कि भिलंगना के कई गांवों में मोबाइल नेटवर्क की सुविधा नहीं है। इसके चलते वीबी-जी राम जी योजना में कार्यरत श्रमिकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो पा रही है। उन्होंने मांग की कि पहाड़ी क्षेत्रों की परिस्थितियों को देखते हुए श्रमिकों की उपस्थिति ऑफलाइन दर्ज करने की व्यवस्था की जाए।
प्रधानों के मानदेय समेत कई मांगें
प्रधान संगठन ने ग्राम प्रधानों को न्यूनतम 20 हजार रुपये मानदेय देने की मांग की। इसके साथ ही खुली बैठक में प्रतिभाग करने वाले वार्ड सदस्यों को भी मानदेय दिए जाने की मांग रखी गई।
संगठन ने राज्य और केंद्रीय वित्त की धनराशि को जनसंख्या तथा भौगोलिक क्षेत्रफल के आधार पर बढ़ाने, जिला योजना के कार्यों के प्रस्तावों को खुली बैठक में पारित करने और एक्ट में पारित सभी 29 विभागों को जल्द ग्राम पंचायतों के अधीन करने की मांग की।
ग्राम पंचायतों के लिए निधि की मांग
प्रधानों ने सांसद और विधायक निधि की तर्ज पर ग्राम प्रधानों के लिए भी निधि की व्यवस्था करने की मांग की। इसके अलावा पीएम आवास प्लस सर्वे वर्ष 2024 की सूची में छूटे लोगों को शामिल करने तथा 16वें वित्त की गाइडलाइन के अनुसार ग्राम पंचायतों को टैक्स से मुक्त रखने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।



