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सरकार और सोनम वांगचुक की मुलाकात: बढ़ते प्रदर्शन के बीच सक्रिय हुई केंद्र सरकार, जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने की स्वास्थ्य की जानकारी

नई दिल्ली, 22 जुलाई। नीट पेपर लीक विवाद और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने सक्रियता बढ़ा दी है। प्रदर्शन के तेज होने के बीच केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की। वांगचुक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं और चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है।

अस्पताल में स्वास्थ्य का लिया हाल, बातचीत के भी संकेत

सूत्रों के अनुसार, दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने डॉक्टरों से सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। माना जा रहा है कि इस दौरान आंदोलन और अनशन को लेकर भी प्रारंभिक चर्चा हुई। सूत्रों का कहना है कि वांगचुक की ओर से रखी गई प्रमुख मांगों पर भी बातचीत की संभावना बनी हुई है। हालांकि सरकार या वांगचुक की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

इससे पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचकर संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई में घायल प्रदर्शनकारियों का हालचाल भी जाना था।

नीट विवाद पर प्रधानमंत्री मोदी ने तोड़ी चुप्पी

नीट यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक को लेकर लगातार बढ़ रहे राजनीतिक और छात्र विरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी। संसदीय दल की बैठक में उन्होंने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी का मामला अत्यंत गंभीर है और सरकार ने घटना सामने आते ही त्वरित कार्रवाई की।

प्रधानमंत्री ने पेपर लीक को “घोर पाप” बताते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने सभी राज्यों से परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए समन्वित प्रयास करने की अपील की।

दोषियों पर सख्त कार्रवाई का दावा

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने बैठक में कहा कि मामले में शामिल सभी प्रमुख आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है और अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

प्रधानमंत्री ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली केवल केंद्र सरकार की नहीं, बल्कि पूरे देश की सामूहिक जिम्मेदारी है। छात्रों का विश्वास बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

आंदोलन और राजनीतिक हलचल जारी

उधर, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन लगातार जारी है। विभिन्न छात्र संगठनों और विपक्षी दलों की ओर से सरकार पर जवाबदेही तय करने और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की जा रही है। सरकार की ओर से बातचीत के संकेत मिलने के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि आंदोलन के समाधान की दिशा में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

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