खटीमा, 1 अगस्त। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को खटीमा में आयोजित थारू जनजाति संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि सरकार जनजातीय समुदाय को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान सीमा सुरक्षा बल के एवरेस्ट विजेता मोहन सिंह राणा तथा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के एवरेस्ट विजेता टीला सेन को सम्मानित भी किया।
धर्मांतरण और नशे के खिलाफ सख्त नीति
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश में धर्मांतरण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है। राज्य सरकार अवैध धर्मांतरण में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चला रही हैं और युवाओं को नशामुक्त समाज का संदेश दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षित, जागरूक और सशक्त समाज का निर्माण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

संवाद विश्वास और विकास की साझेदारी का माध्यम
मुख्यमंत्री ने कहा कि थारू जनजाति संवाद केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार और थारू समाज के बीच विश्वास, सहभागिता और विकास की साझेदारी को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि उनका थारू समाज से जुड़ाव वर्षों पुराना है और खटीमा से उनका आत्मीय संबंध हमेशा बना रहेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार जनजातीय समाज के सशक्तिकरण के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए गए हैं। उन्होंने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का उदाहरण देते हुए कहा कि जनजातीय समाज से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचना इस सोच और प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
आवास योजनाओं से हजारों परिवारों को मिल रहा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अटल आवास योजना में आय सीमा को व्यावहारिक बनाया है तथा घर निर्माण की लागत में भी वृद्धि की है, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि केवल ऊधम सिंह नगर जनपद में ही इस योजना के अंतर्गत लगभग तीन करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से भी बड़ी संख्या में जनजातीय परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत ऊधम सिंह नगर में प्रथम चरण में 824 तथा द्वितीय चरण में 101 आवासों का निर्माण किया गया है।
शिक्षा और छात्रावासों के विकास पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार निवेश कर रही है। जनजाति कल्याण विभाग के माध्यम से आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के विकास के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
उन्होंने बताया कि आश्रम पद्धति विद्यालयों को कक्षा 12 तक उच्चीकृत करने का कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से भी जनजातीय विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा में बालिका छात्रावास के निर्माण के लिए चार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जबकि बाजपुर में 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विद्यालय और छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है। गदरपुर में 100 बिस्तरों वाला बालक छात्रावास भी निर्माणाधीन है।
उन्होंने बताया कि थारू राजकीय इंटर कॉलेज में दो करोड़ रुपये से अधिक की लागत से खेल मैदान का सौंदर्यीकरण, सभागार का आधुनिकीकरण तथा भवन की मरम्मत का कार्य भी कराया जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को मिल रहा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनजातीय समाज की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी लगातार कार्य कर रही है। महिला समूहों को एक करोड़ रुपये से अधिक की चक्रीय निधि तथा आठ करोड़ रुपये से अधिक की निवेश सहायता उपलब्ध कराई गई है, ताकि वे छोटे-छोटे उद्यम स्थापित कर अपनी आय बढ़ा सकें।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2020 से 2025 के बीच 10 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास योजनाएं पूर्ण की गई हैं। इसके अलावा सितारगंज विधानसभा क्षेत्र में थारू विकास भवन का निर्माण भी कराया जा रहा है।
जनजातीय क्षेत्रों में बढ़ाई जा रही विकास सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज कल्याण विभाग के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए दो करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसके साथ ही जनजातीय परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए 50 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
उन्होंने बताया कि उधम सिंह नगर, देहरादून, पिथौरागढ़ और चमोली में जनजातीय क्षेत्रों के विकास कार्यों को गति देने के लिए अलग-अलग जनजाति कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति भी की गई है।
समाज के प्रतिनिधियों ने जताया आभार
कार्यक्रम के दौरान थारू समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री हमेशा समाज के सुख-दुख में सहभागी रहे हैं तथा थारू संस्कृति, परंपराओं और जनजातीय विकास के लिए किए जा रहे कार्य ऐतिहासिक महत्व के हैं।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, थारू राणा परिषद के अध्यक्ष दान सिंह राणा, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा, वरिष्ठ समाजसेवी रमेश राणा, ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष मंजीत सिंह राणा, सभासद दौलत राणा, ग्राम प्रधान शोभा देवी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में थारू समाज के लोग उपस्थित रहे।



