नई टिहरी, 25 अगस्त।
स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को मिला वित्तीय प्रशिक्षण
भारतीय स्टेट बैंक के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), नई टिहरी में आयोजित छह दिवसीय वित्तीय समावेशन प्रशिक्षण का मंगलवार को समापन हो गया। प्रशिक्षण में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित जिलेभर के स्वयं सहायता समूहों के 23 सदस्यों ने प्रतिभाग किया।
समापन अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाणपत्र और टूल किट प्रदान किए गए। कार्यक्रम में परियोजना निदेशक डीआरडीए एवं प्रशिक्षु आईएएस ज्योति ने कहा कि कौशल विकास की दिशा में यह प्रशिक्षण महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज की आर्थिकी की रीढ़ हैं। सरकार महिलाओं को केंद्र में रखकर जिस तरह योजनाएं संचालित कर रही है, उसका लाभ महिलाओं को उठाना चाहिए।
बचत, ऋण और निवेश की दी जानकारी
आरसेटी निदेशक दीपक कोठियाल ने प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को वित्तीय प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्मार्ट बचत, परिपक्वता पूर्ण ऋण, बुद्धिमतापूर्ण व्यय, सामाजिक सुरक्षा, बीमा और निवेश सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के बेहतर उपयोग के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराना रहा। वित्तीय साक्षरता के माध्यम से प्रतिभागियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और वित्तीय सेवाओं की उपयोगिता समझाने पर भी जोर दिया गया।
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की आर्थिक भूमिका और वित्तीय जागरूकता के महत्व पर भी चर्चा हुई। प्रशिक्षणार्थियों को बचत, ऋण, बीमा और निवेश जैसे विषयों की जानकारी देकर उन्हें वित्तीय सेवाओं का बेहतर उपयोग करने के लिए जागरूक किया गया।
समापन कार्यक्रम में उपासक के ग्रामीण वित्त समन्वयक चन्द्र प्रकाश डंगवाल और संजीव नेगी मौजूद रहे। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र और टूल किट वितरित किए गए।



