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कुमाऊं विश्वविद्यालय में सार्वजनिक पुस्तकालय कर्मियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम

नैनीताल, 23 अगस्त। कुमाऊं विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग की ओर से हर्मिटेज में सार्वजनिक पुस्तकालय कर्मियों के लिए आयोजित पांच दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम के दूसरे दिन बौद्धिक संपदा अधिकार, मुक्त शिक्षा और पुस्तकालय स्वचालन विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किए गए। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को डिजिटल संसाधनों के सुरक्षित उपयोग, नवाचार संरक्षण और आधुनिक पुस्तकालय प्रबंधन की तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी दी गई।

बौद्धिक संपदा अधिकार के महत्व पर जोर

कार्यक्रम में प्रो. ललित तिवारी ने बौद्धिक संपदा अधिकार विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कॉपीराइट, पेटेंट, व्यापार चिह्न और भौगोलिक संकेतक के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकार नवाचार को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उत्तराखंड की जैव विविधता और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने उत्तराखंड के बुरांश, किल्मोड़ा और थुनेर जैसे हिमालयी पौधों तथा औषधीय पौधों के संरक्षण के संदर्भ में भी बौद्धिक संपदा अधिकार की उपयोगिता बताई। प्रो. तिवारी ने शोधार्थियों से अपने शोध कार्यों के पेटेंट, कॉपीराइट और भौगोलिक संकेतक के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

उन्होंने बताया कि भारत सरकार की नीति के तहत विश्वविद्यालयों में बौद्धिक संपदा प्रकोष्ठ स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों और शोधार्थियों के नवाचारों को कानूनी सुरक्षा मिल सके। उन्होंने कहा कि तेजपत्ता, मंडुवा, झंगोरा और ऐपण कला जैसे उत्तराखंड के उत्पादों को भौगोलिक संकेतक के माध्यम से वैश्विक पहचान दिलाई जा सकती है। इस अवसर पर प्रो. ललित तिवारी और प्रो. दीपक पालीवाल को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

मुक्त शिक्षा और पुस्तकालय स्वचालन पर प्रशिक्षण

इसके बाद प्रो. दीपक पालीवाल ने सार्वजनिक पुस्तकालयों में मुक्त शिक्षा की भूमिका पर व्याख्यान दिया। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सामग्री को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में पुस्तकालयों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

तकनीकी सत्र में विजय प्रताप सिंह ने पुस्तकालय स्वचालन सॉफ्टवेयर की प्रमुख विशेषताओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इसमें सूचीकरण, पुस्तक निर्गमन और सदस्यता प्रबंधन से संबंधित जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. युगल जोशी, उप पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. चारु चंद तिवारी, दीप चंद तिवारी, शोधार्थी और पुस्तकालय कर्मी उपस्थित रहे। मंच संचालन मनोज कुमार ने किया। कार्यक्रम में सार्वजनिक पुस्तकालयों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने तथा पुस्तकालय कर्मियों के तकनीकी और व्यावसायिक कौशल के विकास पर विशेष जोर दिया गया।

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