देहरादून, 23 अगस्त। वर्ष 2024 में अधिनियम बनने के बावजूद वर्ष 2013 से लंबित नियुक्तियों की मांग को लेकर आंदोलनरत राज्य आंदोलनकारियों का धरना और क्रमिक अनशन रविवार को 70वें दिन भी जारी रहा। संयुक्त मंच के बैनर तले शहीद स्मारक, देहरादून में चल रहे आंदोलन में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर समर्थन जताया।
70वें दिन भी जारी रहा क्रमिक अनशन
क्रमिक अनशन पर मंच संयोजक अंबुज शर्मा, विकासनगर के राम किशन और खटीमा की सुनीता ठाकुर बैठे। मंच संयोजक अंबुज शर्मा ने बताया कि आंदोलन 70वें दिन में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट को दिए गए सात दिन के अल्टीमेटम का भी पांचवां दिन पूरा हो गया है।
धरना स्थल पर आयोजित आपात बैठक में आंदोलन की आगामी रणनीति पर चर्चा की गई। मंच के अनुसार, बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि आगामी दो कार्य दिवसों में सरकार उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लेती है तो बुधवार को आंदोलनकारी आत्मघाती कदम उठाने की चेतावनी पर आगे बढ़ सकते हैं। मंच ने इसके लिए शासन-प्रशासन को जिम्मेदार ठहराने की बात कही।
विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचा समर्थन
राज्य आंदोलनकारियों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से लोग धरना स्थल पर पहुंचे। अल्मोड़ा से मोहन चंद्र शर्मा, रामनगर से नवीन नैथानी और पंकज सिंह रावत समेत कई लोगों ने आंदोलन में सहभागिता की।
धरना स्थल पर प्रभात डंडरियाल, विशंभर दत्त बोंठियाल, रेखा शर्मा, शेर सिंह लटवाल, अतुल सिंह भंडारी, क्रांति अभिषेक, चमन सिंह चौहान, सतेंद्र नौंगाई, भीम सिंह, गिरीश चंद्र भट्ट, अभिषेक रावत, दुर्गा बहादुर क्षेत्री, बलबीर सिंह नेगी, पुरुषोत्तम सेमवाल, रुकम पोखरियाल, सुरेश नेगी, द्वारिका बिष्ट, पूरन सिंह लिंगवाल, सुधीर नारायण शर्मा, सुभागा फर्स्वाण और भरत पड़ियार समेत कई लोग मौजूद रहे।
राज्य आंदोलनकारियों ने वर्ष 2013 से लंबित नियुक्तियों की मांग को लेकर अपना आंदोलन जारी रखा है। संयुक्त मंच ने सरकार से उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग दोहराई है।



