नई टिहरी, 12 अगस्त। आगामी राफ्टिंग सीजन की तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल की अध्यक्षता में गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई। जिला सभागार में हुई बैठक में समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों के साथ संबंधित विभागों के अधिकारियों और राफ्टिंग व्यवसायियों ने अपने सुझाव रखे। बैठक में राफ्टिंग सीजन के दौरान नियमों, पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
टिहरी में 265 राफ्टिंग फर्म पंजीकृत
जिला पर्यटन अधिकारी सोबत सिंह राणा ने बताया कि जिले में वर्तमान में 265 राफ्टिंग फर्म पंजीकृत हैं। इन फर्मों के पास कुल 576 राफ्ट उपलब्ध हैं। बैठक में राफ्टिंग संचालन से संबंधित नियमों और विनियमों की समीक्षा के साथ पर्यटकों की सुविधा एवं सुरक्षा को लेकर आवश्यक व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
गंगा नदी में राफ्टिंग के पुट-इन और पुल-आउट प्वाइंट कौड़ियाला, मरीन ड्राइव, शिवपुरी और ब्रह्मपुरी आदि स्थानों पर क्षतिग्रस्त पैदल मार्गों की मरम्मत, शौचालय, चेंजिंग रूम, पार्किंग और अन्य सुविधाओं के विकास एवं रख-रखाव पर भी चर्चा हुई।
सफाई व्यवस्था बेहतर करने पर जोर
बैठक में गंगा नदी राफ्टिंग से जुड़े क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति की आय बढ़ाने के लिए प्रति पर्यटक लिए जाने वाले सुविधा शुल्क और वन विभाग द्वारा समिति से लिए जाने वाले पर्यटक शुल्क पर भी चर्चा की गई।
राफ्टिंग फर्मों के संचालन और नवीनीकरण से जुड़े विषयों पर भी सदस्यों एवं राफ्टिंग ऑपरेटरों ने अपने विचार रखे।
राफ्टिंग संचालकों से समन्वय बनाए रखने की अपील
जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने राफ्टिंग संचालकों से आपसी एकजुटता और समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राफ्टिंग ऑपरेटरों के बीच किसी प्रकार के मतभेद हों तो उनका समाधान संवाद के माध्यम से किया जाए।
उन्होंने राफ्टिंग के लिए उचित और निर्धारित दरों को लेकर भी आपसी सहमति बनाए जाने पर जोर दिया, ताकि आगामी राफ्टिंग सीजन में व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से संचालित की जा सकें।
बैठक में साहसिक खेल अधिकारी सीमा नौटियाल, यूटीडीबी के वाटर स्पोर्ट्स एक्सपर्ट भूपेंद्र सिंह और समिति के सदस्य धर्मेंद्र नेगी मौजूद रहे।



