देहरादून, 26 जुलाई। उत्तराखंड में सक्रिय मानसून और मौसम विभाग की ओर से जारी ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने अधिकारियों को आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई, राहत कार्यों में तेजी और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी सुनिश्चित करने को कहा है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में शनिवार को आयोजित बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन ने मानसून के दौरान अब तक विभिन्न जिलों में हुई क्षति, राहत कार्यों और पुनर्बहाली की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलों से क्षति की रिपोर्ट जल्द शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
ऑरेंज अलर्ट को लेकर जिलों को विशेष सतर्कता के निर्देश
सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए अलग-अलग तिथियों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके तहत 27 जुलाई को देहरादून और बागेश्वर, 28 जुलाई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल और देहरादून तथा 29 जुलाई को उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सभी जनपद आपदा की स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयार रहें और प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
बंद सड़कों को जल्द खोलने के निर्देश
बैठक में लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और अन्य संबंधित विभागों को बारिश के कारण बंद हुए सभी मार्गों को जल्द खोलने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर सुचारु करने को कहा गया, ताकि स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी न हो।
सचिव आपदा प्रबंधन ने कहा कि जिलों से मिलने वाली सूचनाओं का नियमित विश्लेषण किया जाए और परिस्थितियों के अनुसार तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं।
आपदा संसाधनों की जानकारी पोर्टल पर होगी उपलब्ध
सचिव ने सभी जिलों को निर्देश दिए कि उनके पास उपलब्ध आपदा प्रबंधन उपकरणों, मशीनरी और प्रशिक्षित मानव संसाधनों का विवरण आईडीआरएन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए।
उन्होंने कहा कि इससे आपदा के समय यह जानकारी तुरंत मिल सकेगी कि किस जिले या स्थान पर कौन-कौन से उपकरण और प्रशिक्षित कर्मी उपलब्ध हैं। जरूरत पड़ने पर संसाधनों को बिना देरी प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाया जा सकेगा।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों का होगा सम्मान
आपदा प्रबंधन सचिव ने कहा कि आपदा के दौरान साहसिक और उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और आपदा से जुड़े कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए 26 जनवरी, 15 अगस्त और उत्तराखंड स्थापना दिवस 9 नवंबर के अवसर पर ऐसे कर्मियों को सम्मान देने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन प्रकाश चंद्र, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा, डॉ. पीडी माथुर सहित आपदा प्रबंधन विभाग के विशेषज्ञ और विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी मौजूद रहे।


