Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

Homeउत्तराखंड न्यूज़देहरादूनमुख्यमंत्री धामी ने समावेशी शिक्षा...

मुख्यमंत्री धामी ने समावेशी शिक्षा मिशन-2030 का किया शुभारंभ, विशेष बच्चों के लिए विजुअल लर्निंग सामग्री जारी

देहरादून, 19 जुलाई। मुख्यमंत्री धामी ने रविवार को राजपुर रोड स्थित एक निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ‘समावेशी शिक्षा मिशन-2030’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए विजुअल लर्निंग करिकुलम आधारित पुस्तकों और शिक्षण सामग्री का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल शिक्षा को अधिक सरल, प्रभावी और समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप समावेशी शिक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य बच्चों में समझ, नवाचार, आत्मविश्वास और जीवनोपयोगी कौशल का विकास करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को इस प्रकार विकसित किया जा रहा है ताकि प्रत्येक विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ सके।

विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, पीएम श्री विद्यालय, अटल उत्कृष्ट विद्यालय, डिजिटल शिक्षण सामग्री और विज्ञान आधारित शिक्षा को लगातार बढ़ावा दे रही है। समावेशी शिक्षा को मजबूत करने के लिए विद्यालयों में रैंप, रेलिंग, सुगम शौचालय, अनुकूलित फर्नीचर और स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को बेहतर शिक्षण वातावरण मिल सके।

मुख्यमंत्री धामी ने समावेशी शिक्षा मिशन-2030 का किया शुभारंभ

विशेष बच्चों के लिए बढ़ाए जा रहे संसाधन

उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 5,800 विशेष आवश्यकता वाले बच्चे विभिन्न विद्यालयों में पंजीकृत हैं। राज्य के 11 विशेष विद्यालयों के माध्यम से 1,300 से अधिक बच्चों को विशेष शिक्षण और पुनर्वास सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। प्रारंभिक और माध्यमिक स्तर पर 300 से अधिक विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है तथा शेष रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।

रिवर्स पलायन का प्रेरक उदाहरण बनी पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बच्चों को केवल परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि जीवन के लिए तैयार करना है। उन्होंने शिक्षाविद अनीता शर्मा और शाइन अवी लर्निंग की टीम की सराहना करते हुए कहा कि विदेश से लौटकर उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार करना रिवर्स पलायन का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में अनेक प्रवासी अपने गांव लौटकर राज्य के विकास में सक्रिय योगदान दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने, सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में अग्रणी स्थान प्राप्त करने तथा सख्त नकल विरोधी कानून जैसे निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य लगातार विभिन्न क्षेत्रों में नई मिसाल कायम कर रहा है।

कार्यक्रम में विधायक मुन्ना सिंह चौहान, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष धीरेंद्र पंवार, शिक्षाविद अनीता शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Popular Articles