नैनीताल, 20 अगस्त। नैनीताल-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर बेलुवाखान के पास आबादी क्षेत्र में पिछले तीन-चार दिनों से दिखाई दे रहे करीब 13 फुट लंबे अजगर को वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया। आबादी के नजदीक विशाल अजगर के लगातार दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ था।
खेल मैदान के पास लगातार दिखाई दे रहा था अजगर
ग्रामीणों के अनुसार, करीब 13 फुट लंबा अजगर बेलुवाखान के खेल मैदान के पास लगातार नजर आ रहा था। ग्रामीणों ने कई दिनों तक इंतजार किया कि अजगर स्वयं जंगल की ओर चला जाए। हालांकि, उसके आबादी क्षेत्र में बने रहने के कारण वन विभाग को इसकी सूचना दी गई।
सूचना मिलने के बाद सर्प विशेषज्ञ निमिष दानू अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मौजूदगी में टीम ने सावधानीपूर्वक अजगर का रेस्क्यू अभियान शुरू किया और उसे सुरक्षित पकड़ लिया।
रेस्क्यू के बाद जंगल में छोड़ा गया
सर्प विशेषज्ञ निमिष दानू ने बताया कि रेस्क्यू किया गया सांप रॉक पाइथन यानी अजगर है। उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ने के बाद जंगल में छोड़ दिया गया। अजगर के आबादी क्षेत्र से हटने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
रेस्क्यू अभियान के बाद ग्राम प्रधान की ओर से निमिष दानू को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
पर्वतीय क्षेत्रों में विशाल अजगरों की मौजूदगी
इस घटना से पहले ओखलकांडा के हरीशताल क्षेत्र में 15 फुट लंबे और करीब 55 किलोग्राम वजनी अजगर द्वारा एक वयस्क कुत्ते को निगलने की घटना सामने आई थी। पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार विशाल अजगरों के दिखाई देने से वन्यजीवों की गतिविधियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
क्षेत्र में किंग कोबरा की मौजूदगी भी पहले दर्ज की जा चुकी है। बेलुवाखान में 13 फुट लंबे अजगर के रेस्क्यू के बाद आबादी क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।



