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नैनी झील के पर्यावरणीय संकट पर गंभीर चिंता, विधिक सेवा प्राधिकरण ने मांगी 22 बिंदुओं की कार्ययोजना

नैनीताल, 19 अगस्त। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने नैनी झील के बढ़ते पर्यावरणीय संकट को लेकर गंभीर चिंता जताई है। प्राधिकरण ने झील संरक्षण, लोअर मॉल रोड के अधूरे निर्माण, ठंडी सड़क की बिगड़ती व्यवस्था और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी को लेकर जिलाधिकारी नैनीताल से 22 बिंदुओं वाली समयबद्ध कार्ययोजना लागू करने का आग्रह किया है। प्राधिकरण ने स्पष्ट कहा कि नैनी झील किसी एक विभाग की नहीं, बल्कि पूरे शहर की साझा जिम्मेदारी है और इसके संरक्षण में लापरवाही स्वीकार्य नहीं हो सकती।

नैनी झील के संरक्षण पर जताई चिंता

प्राधिकरण के सदस्य सचिव प्रदीप कुमार मणि ने बुधवार, 19 अगस्त को जिलाधिकारी को नौ पृष्ठों का पत्र भेजा। इसमें कहा गया कि नैनी झील नैनीताल की पहचान, पर्यटन, आजीविका और पारिस्थितिक संतुलन की आधारशिला है। हालांकि, प्रदूषण, अतिक्रमण, कंक्रीटीकरण, नालों से गंदे पानी की निकासी, बढ़ते कचरे और प्रशासनिक उदासीनता के कारण झील की स्थिति लगातार बिगड़ रही है।

पत्र में संविधान के अनुच्छेद 21, 48ए और 51ए(जी) के साथ सतत विकास, सावधानी सिद्धांत, प्रदूषणकर्ता भुगतान सिद्धांत और सार्वजनिक न्यास सिद्धांत का भी उल्लेख किया गया है।

लोअर मॉल रोड और ठंडी सड़क को लेकर सुझाव

प्राधिकरण ने लोअर मॉल रोड के निर्माण और सुदृढ़ीकरण कार्य में देरी को लेकर जिम्मेदार कार्यदायी संस्था तथा निश्चित समयसीमा सार्वजनिक करने का सुझाव दिया है। वहीं, ठंडी सड़क पर नियमित पुलिस गश्त, निगरानी कैमरे, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

इसके अलावा नैनी झील में गिरने वाले सभी नालों की जांच, अवैध निर्माणों की पहचान और मस्जिद चौराहा से अंडा मार्केट तक अव्यवस्थित पार्किंग हटाने का सुझाव दिया गया है। हरित क्षेत्रों को कंक्रीटीकरण से बचाने तथा नैनी झील संरक्षण के लिए दीर्घकालिक वैज्ञानिक योजना तैयार करने पर भी जोर दिया गया है।

कई विभागों को भेजी गई पत्र की प्रति

प्राधिकरण ने जिला विकास प्राधिकरण, उत्तराखंड जल संस्थान, नगर पालिका परिषद, सिंचाई विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य विभागों के बीच समन्वय की कमी को भी समस्या की वजह बताया है।

पत्र की प्रति मुख्य सचिव उत्तराखंड सहित संबंधित विभागों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल को भेजी गई है। प्राधिकरण ने पूरे मामले को अत्यंत आवश्यक बताते हुए तत्काल, प्रत्यक्ष और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

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