नई दिल्ली, 18 जुलाई। पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हिरासत में लिए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देशभर में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ बताते हुए लोगों से नियमों का पालन करते हुए अपनी आवाज उठाने की अपील की।
वांगचुक की हिरासत को बताया लोकतांत्रिक आवाज दबाने का प्रयास
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में कहा कि सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाया जाना और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करना चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी कानून का उल्लंघन किए बिना शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराएं। दीपके ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज को सुना जाना चाहिए और जनहित से जुड़े मुद्दों पर संवाद जरूरी है।
सीजेपी ने भी प्रदर्शन जारी रखने की बात कही
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रंका ने भी कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सोनम वांगचुक की हिरासत के बाद आंदोलन को और मजबूती से आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की।
उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं और परीक्षा से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि आंदोलन का उद्देश्य व्यवस्था में सुधार की मांग उठाना है।
21 दिन के अनशन के बाद अस्पताल ले जाए गए वांगचुक
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक जैसे मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ अनशन कर रहे थे। दिल्ली पुलिस ने शनिवार सुबह उन्हें जंतर-मंतर से हिरासत में लिया।
पुलिस के अनुसार, वांगचुक की बिगड़ती तबीयत और चिकित्सकीय सलाह के आधार पर उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में की गई।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से स्थल खाली करने की अपील की
दिल्ली पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों से प्रदर्शन स्थल खाली करने का अनुरोध किया गया है। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों की ओर से व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास किया गया, लेकिन स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।
वहीं, आंदोलन से जुड़े लोगों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार की बात कही है। मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में प्रतिक्रिया जारी है।


