नैनीताल, 01 सितंबर। उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन के बैनर तले आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को प्रदेशभर के साथ नैनीताल जिला मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। यूनियन ने मांगों का समाधान नहीं होने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है।
यूनियन के अनुसार सितंबर माह के प्रत्येक मंगलवार को संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, राजकीय चिकित्सालय और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर धरना-प्रदर्शन जारी रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
आशा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं को न्यूनतम वेतन और कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जा रहा है।
यूनियन का कहना है कि आशा कार्यकर्ता मातृ-शिशु सुरक्षा से लेकर स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद उनके काम के अनुरूप पारिश्रमिक और सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल रहा है।
11,500 रुपये मासिक मानदेय की मांग
ज्ञापन में यूनियन ने 31 अगस्त 2021 को खटीमा स्थित मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय में हुई वार्ता का उल्लेख किया। यूनियन के अनुसार उस दौरान आशा कार्यकर्ताओं के लिए मासिक मानदेय निर्धारित करने तथा डीजी हेल्थ उत्तराखंड के प्रस्ताव के अनुसार 11,500 रुपये प्रतिमाह मानदेय देने का आश्वासन दिया गया था।
यूनियन का कहना है कि इस आश्वासन को पांच वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है। आशा कार्यकर्ताओं ने मांग की कि जब तक पेंशन की व्यवस्था नहीं होती, तब तक सेवानिवृत्ति के समय प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को 10 लाख रुपये की एकमुश्त धनराशि देने की घोषणा की जाए।
लंबित भुगतान और प्रशिक्षण भत्ते की मांग
ज्ञापन में विभिन्न मदों में मिलने वाली धनराशि का भुगतान कई-कई महीने लंबित रखने के बजाय प्रत्येक माह करने की मांग की गई। इसके अलावा प्रशिक्षण और पल्स पोलियो अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को प्रतिदिन 500 रुपये का भुगतान किए जाने की मांग भी उठाई गई।
यूनियन ने सभी सरकारी अस्पतालों में आशा कार्यकर्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए तत्काल निर्देश जारी करने सहित अन्य मांगें भी उठाईं।
ज्ञापन भेजने वालों में प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल, चंद्रा सती, लीला पांडे, चंपा बिष्ट, सरिता बिष्ट, गंगा, प्रेमा अधिकारी, बबीता, शांति, हेमा, सीमा, लीला, पूनम, हेमा, प्रभा और नीरू पुजारी आदि शामिल रहीं।

