करिबा, 12 अगस्त। जिम्बाब्वे की करिबा झील में मंगलवार को बड़ा नाव हादसा हो गया। क्षमता से अधिक यात्रियों से भरी नाव तेज लहरों की चपेट में आकर पलट गई। हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 20 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
119 लोग सवार थे नाव पर
अधिकारियों के अनुसार, नाव की क्षमता 90 यात्रियों की थी, लेकिन हादसे के समय उस पर 114 वयस्क और पांच क्रू सदस्यों समेत कुल 119 लोग सवार थे। बताया गया कि खराब मौसम के बावजूद नाव को सामान्य रूप से संचालित किया जा रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, झील के बीच तेज लहरों से टकराने के बाद नाव का इंजन बंद हो गया। इसके बाद नाव असंतुलित होकर पलट गई और उसमें सवार लोग पानी में गिर गए।
60 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला
करिबा झील नाव हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया। बचाव दल अब तक 60 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल चुका है। हादसे के बाद मलबे से 15 शव बरामद किए गए हैं।
लापता लोगों की तलाश के लिए खोज अभियान लगातार चलाया जा रहा है। बचाव दल झील में संभावित स्थानों पर तलाश कर रहा है।
यह नाव करिबा शहर और आसपास के द्वीपों तथा मछली पकड़ने वाले शिविरों के बीच नियमित परिवहन सेवा उपलब्ध कराती थी।
जिम्बाब्वे-जाम्बिया सीमा पर स्थित है करिबा झील
करिबा झील जिम्बाब्वे और जाम्बिया की सीमा पर स्थित है। यह राजधानी हरारे से करीब 300 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में है। लगभग 5,400 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाली करिबा झील को दुनिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील माना जाता है।
इस झील का निर्माण जाम्बेजी नदी पर करिबा बांध बनने के बाद हुआ था और इसका निर्माण 1960 के दशक में पूरा किया गया था।
नाव की क्षमता से अधिक यात्रियों पर उठे सवाल
हादसे के बाद नाव में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को ले जाने की अनुमति को लेकर प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही, जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही गई है।



