हरारे (जिम्बाब्वे), 16 अगस्त: जिम्बाब्वे की करीबा झील में हुए नौका हादसे में 26 और शव बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 72 हो गई है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। मृतकों में 18 बच्चे शामिल हैं।
तेज लहरों के कारण पलटी थी नौका
पुलिस के मुताबिक, मंगलवार को तेज लहरों के कारण नौका पलट गई थी। यह पुरानी नौका करीबा शहर से देश के उत्तर-पश्चिम में स्थित ग्रामीण इलाकों और मछुआरा समुदायों की बस्तियों की ओर जा रही थी।
इन क्षेत्रों में सड़कें क्षतिग्रस्त हैं और सार्वजनिक परिवहन के साधन भी बहुत कम हैं। ऐसे में लोगों की आवाजाही के लिए नौका महत्वपूर्ण साधन बनी हुई थी।
हालांकि, अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि हादसे के समय नौका में कुल कितने लोग सवार थे और कितने लोग अब भी लापता हैं।
क्षमता से अधिक यात्रियों के सवार होने का अनुमान
उपलब्ध अनुमान के अनुसार, नौका में करीब 153 यात्री सवार थे, जबकि उसकी निर्धारित क्षमता 90 यात्रियों की थी। जिम्बाब्वे की आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, हादसे के बाद 77 लोगों को बचा लिया गया है।
जिम्बाब्वे में यह नौका हादसा बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने के कारण गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। राहत और बचाव अभियान के दौरान झील से लगातार शव बरामद किए जा रहे हैं।
हादसे में 18 बच्चों की मौत
पुलिस ने बताया कि मृतकों में 18 बच्चे शामिल हैं। अधिकारियों ने शुरुआत में कहा था कि नौका में सवार बच्चों की सटीक संख्या उपलब्ध नहीं है, क्योंकि टिकट के लिए निर्धारित उम्र से कम आयु के बच्चों को यात्रियों की अनुमानित संख्या में शामिल नहीं किया गया था।
बाद में पुलिस की ओर से जारी सूची से बच्चों से जुड़ी जानकारी सामने आई। इसके अनुसार, मृत बच्चों में 16 की उम्र 10 वर्ष या उससे कम थी। मृतकों में सबसे छोटा बच्चा केवल एक वर्ष का था।
हादसे के बाद जारी है स्थिति का आकलन
करिबा झील में हुए इस हादसे के बाद अधिकारियों की ओर से बचाव और शव बरामद करने का काम जारी है। अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कितने लोग लापता हैं। अधिकारियों ने नौका में सवार यात्रियों की कुल संख्या को लेकर भी कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है।
फिलहाल 72 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 77 लोगों को बचाए जाने की जानकारी दी गई है।



