वॉशिंगटन, 12 अगस्त। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुलासा किया है कि तुर्की में शिखर सम्मेलन के दौरान उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता थी। इसी वजह से सीक्रेट सर्विस और अमेरिकी सेना की सलाह पर उनका विमान बदला गया। ट्रंप ने पुष्टि की कि उन्हें एयर फोर्स वन के बजाय दूसरे विमान से यात्रा करनी पड़ी और कहा कि वह सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करते हैं।
सुरक्षा खतरे के चलते बदला गया विमान
रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप पिछले महीने नाटो शिखर सम्मेलन के लिए तुर्की के अंकारा पहुंचे थे। उनके साथ कतर से मिला नया बोइंग 747-8 विमान भी था, जिसे भविष्य में नए एयर फोर्स वन के तौर पर तैयार किया जा रहा है। हालांकि, सीक्रेट सर्विस को आशंका थी कि यह विमान उस समय पूरी तरह सुरक्षित नहीं था।
इसी सुरक्षा चिंता के चलते सीक्रेट सर्विस और अमेरिकी सेना ने अंतिम समय में राष्ट्रपति के विमान को बदलने का फैसला किया। सार्वजनिक तौर पर ट्रंप को पुराने एयर फोर्स वन विमान में सवार होते हुए दिखाया गया था, लेकिन वास्तविक योजना इससे अलग थी।
कैटरिंग ट्रक की आड़ में ट्रंप की गुप्त विदाई
सुरक्षा योजना के तहत ट्रंप को कैटरिंग ट्रक की आड़ में चुपचाप वहां से निकाला गया और उन्हें छोटे C-32A विमान में बैठाया गया। पुराने एयर फोर्स वन को केवल डिकॉय यानी भ्रम पैदा करने वाले विमान के तौर पर इस्तेमाल किया गया।
इस योजना का उद्देश्य संभावित हमलावरों को भ्रमित करना था। दोनों विमानों ने कुछ मिनट के अंतर पर उड़ान भरी। इस गुप्त सुरक्षा अभियान के तहत ट्रंप सुरक्षित ब्रिटेन पहुंचे।
इस पूरे खुफिया मिशन की जानकारी पहले सार्वजनिक नहीं की गई थी। यहां तक कि व्हाइट हाउस के कुछ कर्मचारियों को भी इसकी जानकारी नहीं थी। रिपोर्ट में दावा किया गया कि ईरान से मिलने वाली धमकियों के कारण ट्रंप की सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी की गई थी।
ट्रंप ने सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का किया पालन
ओहायो से लौटने के बाद पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने इस सुरक्षा बदलाव की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि वह हमेशा सीक्रेट सर्विस और सेना के निर्देशों का पालन करते हैं। ट्रंप के मुताबिक, उन्हें अक्सर धमकियां मिलती रहती हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों से वह इस बारे में ज्यादा सवाल नहीं करते।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी महत्वपूर्ण राष्ट्रपति को कई तरह की धमकियों और सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ट्रंप ने अपने अंदाज में कहा कि जो राष्ट्रपति महत्वपूर्ण नहीं होते, उन्हें कोई धमकी नहीं मिलती। उन्होंने खुद को अमेरिका के इतिहास में शायद सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रपति बताया।
व्हाइट हाउस ने सुरक्षा व्यवस्था का किया समर्थन
व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर किए गए इस बदलाव और गुप्त उड़ान का पूरी तरह समर्थन किया है। उसका कहना है कि राष्ट्रपति की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ईरान से मिलने वाली धमकियों को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
तुर्की में डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर सामने आई यह जानकारी ऐसे समय में आई है, जब अमेरिका और मध्य पूर्व के देशों के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज बनी हुई हैं।



