Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

Homeविश्वअमेरिकालिंडा मैकमोहन ने कहा—स्कूलों में...

लिंडा मैकमोहन ने कहा—स्कूलों में एआई जरूरी, लेकिन शिक्षक की जगह नहीं ले सकता

वाशिंगटन, 25 अगस्त। अमेरिकी शिक्षा सचिव लिंडा मैकमोहन ने कहा है कि स्कूलों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को अपनाना जरूरी है, लेकिन इसके इस्तेमाल के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय होने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता को कभी भी शिक्षक के विकल्प के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, कक्षा में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बावजूद शिक्षक और छात्रों के बीच मानवीय संपर्क बेहद जरूरी है।

स्कूलों में एआई अपनाने की जरूरत

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान लिंडा मैकमोहन ने कहा कि प्रशासन ने वास्तव में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को नियंत्रित करने की बात नहीं की है, बल्कि इस तकनीक को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब शिक्षा के क्षेत्र में आ चुकी है और उन्होंने ऑस्टिन, टेक्सास के अल्फा स्कूल में इसके इस्तेमाल को देखा है।

उन्होंने कहा कि इस तकनीक को अपनाने के साथ सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है। उनका कहना था कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता कक्षा में शिक्षक की जगह नहीं ले सकती।

बच्चों की व्यक्तिगत जरूरतों में मददगार हो सकती है एआई

लिंडा मैकमोहन ने कहा कि कक्षा में बच्चों के साथ मानवीय संपर्क बनाए रखना आवश्यक है। हालांकि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता बच्चों के लिए व्यक्तिगत शिक्षक की तरह सहायता कर सकती है।

उन्होंने बताया कि जो बच्चे पढ़ाई में कुछ पीछे रह गए हैं, उनके लिए यह तकनीक किसी पाठ या विषय को दोबारा समझाने में मदद कर सकती है। वहीं, बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को अधिक उन्नत स्तर की कक्षाएं उपलब्ध कराने में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

मैकमोहन के अनुसार, यदि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह बच्चों की शिक्षा में मदद करने का एक शानदार अवसर साबित हो सकती है।

शिक्षा विभाग में बदलाव की योजना

अमेरिकी शिक्षा सचिव ने ट्रंप प्रशासन की उस योजना पर भी बात की, जिसके तहत शिक्षा विभाग को खत्म करने और स्कूलों से जुड़े अधिक नियंत्रण राज्यों को देने की कोशिश की जा रही है।

मैकमोहन ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि दशकों के खर्च और लगातार गिरते परीक्षा परिणामों के बाद संघीय शिक्षा व्यवस्था को बड़े बदलाव की जरूरत है। उन्होंने बताया कि ट्रंप ने उनसे कहा था कि शिक्षा के क्षेत्र में देश अपने बच्चों को नाकाम कर रहा है।

उनके अनुसार, शिक्षा विभाग वर्ष 1980 में बना था और तब से इस पर तीन खरब डॉलर से अधिक खर्च किए जा चुके हैं, जबकि परीक्षा के परिणाम लगातार गिर रहे हैं।

शिक्षा विभाग की जिम्मेदारियों का हस्तांतरण

मैकमोहन ने कहा कि शिक्षा विभाग बड़े स्तर पर कांग्रेस द्वारा मंजूर धनराशि को संबंधित स्थानों तक पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा संचालित कई कार्यक्रम उसके गठन से पहले दूसरी संघीय एजेंसियों के तहत मौजूद थे।

अब प्रशासन अंतर-एजेंसी समझौतों के जरिए कुछ जिम्मेदारियां दूसरी एजेंसियों को सौंपने की प्रक्रिया में है। मैकमोहन ने कहा कि इन जिम्मेदारियों का हस्तांतरण कांग्रेस को यह दिखाने के लिए किया जा रहा है कि संबंधित कार्यक्रम कहीं और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि अंततः शिक्षा विभाग को बंद करने के लिए कांग्रेस को ही मतदान करना होगा। इसलिए प्रशासन यह साबित करने की कोशिश कर रहा है कि जिम्मेदारियों को दूसरे तरीके से संचालित किया जा सकता है।

स्कूल चॉइस के लिए कर क्रेडिट

स्कूल चॉइस के मुद्दे पर लिंडा मैकमोहन ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के बड़े कर और खर्च संबंधी कानून में शामिल संघीय कर क्रेडिट, स्कूल चॉइस के अवसर को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाने के सबसे करीब है।

इस कार्यक्रम के तहत राज्यपाल इसमें शामिल हो सकते हैं और छात्रवृत्ति देने वाले संगठन बना सकते हैं। लोग इन संगठनों में योगदान देकर 1,700 डॉलर तक का कर क्रेडिट प्राप्त कर सकते हैं।

मैकमोहन ने कहा कि इस धनराशि से परिवारों को बच्चों को खराब प्रदर्शन करने वाले स्कूलों से निकालने में मदद मिल सकती है। इसका इस्तेमाल बच्चों की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराने, स्कूल के बाद की पढ़ाई या निजी ट्यूशन के खर्च और दिव्यांग बच्चों की सहायता के लिए भी किया जा सकता है।

छात्र ऋण व्यवस्था में भी बदलाव

अमेरिकी शिक्षा सचिव ने बताया कि 1.7 खरब डॉलर की छात्र ऋण व्यवस्था की निगरानी को चरणबद्ध तरीके से वित्त विभाग को हस्तांतरित करने के लिए समझौता किया गया है।

अमेरिकी शिक्षा विभाग वर्ष 1979 में राष्ट्रपति जिमी कार्टर द्वारा हस्ताक्षरित कानून के तहत कैबिनेट स्तर की एजेंसी बना था और वर्ष 1980 में उसने काम करना शुरू किया था।

Popular Articles