बीजिंग, 11 अगस्त। जापान में भारी असर डालने के बाद चीन डॉल्फिन तूफान ने देश के पूर्वी तटीय क्षेत्रों में दस्तक दी है। रविवार देर रात करीब 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पहुंचे तूफान के कारण कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई। शंघाई में बारिश ने करीब 150 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए चीन में 10 लाख से अधिक लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया था।
चीन डॉल्फिन तूफान से भारी बारिश और बाढ़ का खतरा
चीन के सरकारी मौसम विभाग के अनुसार, तूफान अब धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है, जिसके बाद चेतावनी का स्तर कम किया गया है। हालांकि, कई क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन का खतरा अभी बना हुआ है।
शंघाई में 150 साल की बारिश का रिकॉर्ड टूटा
पहाड़ी इलाकों में मिट्टी और चट्टानों के खिसकने की घटनाएं भी सामने आई हैं। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
10 लाख से अधिक लोग सुरक्षित निकाले गए और 943 उड़ानें रद्द हुईं।
शंघाई में परिवहन व्यवस्था प्रभावित
चीन डॉल्फिन तूफान का सबसे बड़ा असर शंघाई में देखने को मिला है। भारी बारिश के कारण शहर के दो प्रमुख हवाई अड्डों से सोमवार को 943 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
खराब मौसम के कारण चेंगदू से शंघाई जा रही एक उड़ान को गंतव्य पर उतरने के बजाय बीजिंग की ओर मोड़ना पड़ा। कुछ समय बाद विमान ने बीजिंग से चेंगदू के लिए वापसी उड़ान भरी।
बारिश और तेज हवाओं के चलते लोकल ट्रेनों सहित सार्वजनिक परिवहन की कई सेवाएं भी प्रभावित हुईं। निंगबो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार दोपहर से उड़ान संचालन बहाल कर दिया गया। हालांकि, अधिकारियों ने यात्रियों को देरी और उड़ान रद्द होने की संभावना को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।
बीजिंग के पांच जिलों में रेड अलर्ट
तूफान का असर राजधानी बीजिंग तक भी पहुंच गया है। शहर के पांच जिलों में सोमवार को भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया। प्रशासन ने कुछ इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की आशंका जताई है।
मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। लोगों से बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने और खुले में होने वाली गतिविधियों को स्थगित करने की अपील की गई है।
1,300 किलोमीटर क्षेत्र में फैला तूफान का बादल तंत्र
राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, डॉल्फिन तूफान का बादलों का जाल करीब 1,300 किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। तूफान फिलहाल उत्तर-पश्चिम दिशा में लगभग 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ रहा है।
हालांकि तूफान कमजोर हो रहा है, लेकिन लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ है।



