बीजिंग, 18 जुलाई। चीन के दक्षिण-पश्चिमी शहर चोंगकिंग में शुक्रवार को आए भीषण भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी। पहाड़ी क्षेत्र में अचानक जमीन खिसकने से कई रिहायशी इमारतें मलबे में दब गईं। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि 34 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन और बचाव दल युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं।
पेंगशुई काउंटी में हुआ बड़ा हादसा
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा चोंगकिंग के पेंगशुई काउंटी में शुक्रवार सुबह करीब 9 बजकर 8 मिनट पर हुआ। पहाड़ी से भारी मात्रा में चट्टान और मिट्टी अचानक नीचे आ गिरी, जिसकी चपेट में आसपास का रिहायशी इलाका आ गया।
सरकारी प्रसारक के अनुसार, भूस्खलन से 10 से अधिक इमारतें पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुई हैं। इनमें दो बहुमंजिला इमारतें भी शामिल हैं, जिनमें एक पांच मंजिला और दूसरी 15 मंजिला इमारत बताई जा रही है।
मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया। करीब 800 से अधिक बचाव कर्मियों को घटनास्थल पर तैनात किया गया है। राहत दल आधुनिक उपकरणों, मशीनों और खोजी कुत्तों की मदद से मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।
अब तक 18 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। इनमें से 10 लोगों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जबकि दो घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि लापता लोगों को खोजने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।

सुरक्षा के लिए बिजली और गैस आपूर्ति बंद
संभावित खतरे को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र के आसपास एक किलोमीटर के दायरे में बिजली, पानी और गैस की आपूर्ति अस्थायी रूप से रोक दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम राहत कार्यों के दौरान किसी अतिरिक्त दुर्घटना को रोकने के लिए उठाया गया है।
भूस्खलन के बाद इलाके में भय और अफरा-तफरी का माहौल है। प्रशासन ने करीब 1100 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। प्रभावित परिवारों के लिए राहत सामग्री, आपातकालीन किट, तंबू और अन्य जरूरी सामान भेजे गए हैं।
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दिए जांच के आदेश
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हादसे पर दुख जताते हुए बचाव कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
विशेषज्ञों के अनुसार, चोंगकिंग जैसे पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश, कमजोर भू-भाग और निर्माण गतिविधियों के कारण भूस्खलन का खतरा बना रहता है। फिलहाल अधिकारी हादसे के कारणों की जांच कर रहे हैं।
चीन में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाने के लिए विशेष दलों को सक्रिय किया जाता है। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ा दी है।


