हरिद्वार, 20 अगस्त। हरिद्वार रेलवे स्टेशन की वाशिंग लाइन में मेंटेनेंस के लिए खड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस के पास करीब 10 फीट लंबा अजगर दिखाई देने से हड़कंप मच गया। अजगर ट्रेन के नीचे से निकलकर कोच के आसपास पहुंच गया था और ट्रेन के अंदर जाने का प्रयास कर रहा था। समय रहते रेल कर्मचारियों की नजर उस पर पड़ गई, जिसके बाद उन्होंने खुद अजगर को पकड़ने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दी।
वाशिंग लाइन में ट्रेन के पास दिखा अजगर
जानकारी के अनुसार, देहरादून से संचालित होने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस गुरुवार सुबह करीब नौ बजे अपने निर्धारित शेड्यूल के तहत हरिद्वार रेलवे स्टेशन की वाशिंग लाइन पहुंची थी। यहां ट्रेन की साफ-सफाई, तकनीकी जांच और अन्य आवश्यक मेंटेनेंस कार्य किए जा रहे थे। ट्रेन को शाम करीब छह बजे हरिद्वार से देहरादून के लिए रवाना होना था।
इसी दौरान दोपहर करीब 12 बजे वाशिंग लाइन में काम कर रहे कर्मचारियों ने ट्रेन के नीचे और कोच के आसपास एक विशालकाय अजगर को देखा। करीब 10 फीट लंबे अजगर को बोगी के पास देखकर कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। अजगर धीरे-धीरे ट्रेन के अंदर प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था।
वन विभाग की टीम ने दो घंटे में किया रेस्क्यू
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेल कर्मचारियों ने तत्काल हरिद्वार वन विभाग को सूचना दी। जानकारी मिलते ही हरिद्वार रेंज की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। वन दारोगा आरती पंत, फॉरेस्ट गार्ड राहुल और वनकर्मी लाखन ने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने अजगर को सुरक्षित काबू में ले लिया। इसके बाद उसे ट्रेन और रेलवे परिसर से दूर ले जाकर सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। रेस्क्यू अभियान के दौरान रेलवे कर्मचारियों और वन विभाग की टीम ने विशेष सावधानी बरती, ताकि अजगर को किसी तरह की चोट न पहुंचे।
कर्मचारियों की सतर्कता से टला बड़ा खतरा
रेल कर्मचारियों की सतर्कता के चलते अजगर को ट्रेन के कोच में प्रवेश करने से पहले ही रेस्क्यू कर लिया गया। यदि अजगर ट्रेन के अंदर पहुंच जाता तो यात्रियों के बीच भय और परेशानी की स्थिति पैदा हो सकती थी। ट्रेन के रवाना होने के बाद किसी कोच में अजगर दिखाई देने पर अफरा-तफरी की स्थिति बन सकती थी।
हरिद्वार रेंज के अधिकारी शीशपाल सिंह ने बताया कि रेलवे की वाशिंग लाइन में ट्रेन के नीचे अजगर मिलने की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजा गया। टीम ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया।
उन्होंने लोगों से अपील की कि आबादी या किसी सार्वजनिक स्थान पर वन्यजीव दिखाई देने पर उसे खुद पकड़ने या भगाने का प्रयास न करें। इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी जानी चाहिए, ताकि प्रशिक्षित टीम मौके पर पहुंचकर वन्यजीव का सुरक्षित रेस्क्यू कर सके।
मानसून में बढ़ी वन्यजीवों की आवाजाही
मानसून के दौरान हरिद्वार और आसपास के वन क्षेत्रों से वन्यजीवों के आबादी वाले इलाकों में पहुंचने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। बारिश और जलभराव के कारण कई बार सांप और अन्य वन्यजीव सुरक्षित स्थान की तलाश में रिहायशी क्षेत्रों, परिसरों और सार्वजनिक स्थानों तक पहुंच जाते हैं।
वन विभाग की ओर से लोगों से सतर्क रहने और वन्यजीव दिखाई देने पर उनसे दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है। विभाग का कहना है कि वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाए बिना उनका सुरक्षित रेस्क्यू करना ही प्राथमिकता है।



