उत्तरकाशी, 27 अगस्त। मोरी क्षेत्र की दूरस्थ बड़ासू पट्टी में गर्भवती महिला और उसके नवजात की मौत के बाद ग्रामीणों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पहुंची स्वास्थ्य विभाग की छह सदस्यीय टीम वापस मोरी लौट आई है। टीम ने बड़ासू क्षेत्र के चार गांवों में गर्भवती महिलाओं समेत करीब 300 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान अधिकांश ग्रामीण खांसी और जुकाम से पीड़ित पाए गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए दवाइयां उपलब्ध कराई गईं।
चार गांवों में किया स्वास्थ्य परीक्षण
सीएचओ संदीप कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बड़ासू क्षेत्र के चार गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों की जांच की। इनमें गर्भवती महिलाओं, बच्चों और अन्य ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के दौरान बड़ी संख्या में लोगों में खांसी और जुकाम की शिकायत सामने आई।
स्वास्थ्य टीम ने प्रभावित ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार के लिए आवश्यक दवाइयां दीं। साथ ही, जिन लोगों की स्थिति बिगड़ने की आशंका है, उन्हें अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण कराने की सलाह दी गई।
प्रसूता और नवजात की मौत के बाद पहुंची थी टीम
बता दें कि गत शुक्रवार को बड़ासू पट्टी के ओसला गांव में समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण एक प्रसूता और उसके बच्चे की मौत हो गई थी। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था। स्थिति को संभालने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम रविवार को बड़ासू क्षेत्र के लिए रवाना हुई।
छह सदस्यीय स्वास्थ्य टीम दुर्गम और उबड़-खाबड़ रास्तों से होते हुए पीड़िता के गांव ओसला पहुंची। इसके बाद टीम ने गंगाड, पंवाणी और धारकोट में शिविर लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
खांसी-जुकाम के मरीजों को दी दवाइयां
सीएचओ संदीप कुमार ने बताया कि बड़ासू क्षेत्र में अधिकांश लोगों को खांसी और जुकाम की शिकायत मिली है। ऐसे ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार के लिए दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य संबंधी स्थिति बिगड़ने पर ग्रामीणों को अस्पताल में दिखाने की सलाह दी गई है।



