उत्तरकाशी, 18 अगस्त। विश्व प्रसिद्ध दयारा बुग्याल में सोमवार को बटर फेस्टिवल यानी अढूंडी उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर रैथल गांव में आयोजित सांस्कृतिक संध्या लोक गायिका मंजू नौटियाल, धनराज शौर्य और स्थानीय कलाकारों के नाम रही। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर स्थानीय ग्रामीणों और पर्यटकों ने देर रात तक जमकर आनंद लिया।
मंजू नौटियाल और धनराज शौर्य ने बांधा समां
दयारा बेस कैंप रैथल गांव में आयोजित सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत लोक गायिका मंजू नौटियाल ने राज राजेश्वरी भजन से की। इसके बाद उन्होंने ‘हे मेरा कमरा पीड़ा’ और ‘दिल्ली से मनाली’ सहित कई गीतों की प्रस्तुति दी।
वहीं, लोक गायक धनराज शौर्य ने ‘माया रौतेली’, ‘ओ माया दार’ और ‘लगुली का लेटा’ जैसे गीत प्रस्तुत किए। इन गीतों पर पंडाल में मौजूद ग्रामीण और पर्यटक देर रात तक झूमते रहे। दोनों लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने सांस्कृतिक संध्या को खास बना दिया।
स्थानीय कलाकारों ने भी दी प्रस्तुतियां
सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्थानीय कलाकार भगवान सिंह और अंकित पंवार ने भी अपने गीत प्रस्तुत किए। ‘देवा सोमेश्वर’ गीत पर ग्रामीणों ने जमकर रासौ नृत्य किया। स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने आयोजन में लोक संस्कृति के रंग और गहरे कर दिए।
बटर फेस्टिवल के अवसर पर विभिन्न राज्यों से आए पर्यटक भी बड़ी संख्या में दयारा बुग्याल पहुंचे। उन्होंने दूध, मक्खन और मठ्ठा की होली खेलकर उत्सव का आनंद लिया।
विधिवत संपन्न हुआ बटर फेस्टिवल
समिति के अध्यक्ष मनोज राणा ने बताया कि दयारा बुग्याल में आयोजित बटर फेस्टिवल सोमवार शाम विधिवत रूप से संपन्न हो गया। उन्होंने बताया कि आयोजन में राज्यभर से पर्यटकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
बटर फेस्टिवल के दौरान पारंपरिक उत्सव के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने ग्रामीणों और पर्यटकों के बीच खास उत्साह बनाए रखा।



