गोपेश्वर, 16 अगस्त। चमोली जिले के पीपलकोटी-मायापुर स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की टीआरटी टनल हादसे के बाद रविवार को भी राहत और बचाव अभियान जारी रहा। 13 अगस्त को हुए हादसे में टनल में फंसे 22 श्रमिकों में से 20 को बाहर निकाला जा चुका है। इनमें आठ श्रमिकों की मौत हो गई है, जबकि 12 घायल हैं। दो श्रमिक अब भी लापता हैं।
जिला अस्पताल पहुंचे मंत्री मदन कौशिक
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने रविवार को जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचकर घायल श्रमिकों का हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से घायलों के स्वास्थ्य और उपचार की जानकारी ली। जिला अस्पताल में 11 घायल श्रमिकों का उपचार चल रहा है, जबकि एक घायल को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सभी घायल श्रमिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उपचार में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी और जरूरत के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
दो लापता श्रमिकों की तलाश जारी
जानकारी के अनुसार, 13 अगस्त की शाम करीब 7:05 बजे टनल के भीतर लगभग 1.8 किलोमीटर हिस्से में पानी का रिसाव और भूधंसाव होने से श्रमिक फंस गए थे। इसके बाद विभिन्न सुरक्षा और राहत एजेंसियों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान शुरू किया।
रेस्क्यू अभियान में स्थानीय पुलिस के 22 जवान, सीआईएसएफ के 25, एनडीआरएफ के 105, एसडीआरएफ के 42, एसएसबी के 14, आईटीबीपी के 52 और डीजीआरएफ के चार जवान जुटे हैं। इनके अलावा फायर सर्विस, जिला प्रशासन, मेडिकल टीम तथा एचसीसी कंपनी की मशीनरी और मानवशक्ति भी अभियान में लगी है। एसएफ-9 सर्च एंड रेस्क्यू टीम को भी सक्रिय किया गया है। टनल से पानी निकालने का काम लगातार जारी है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, गढ़वाल आयुक्त, जिलाधिकारी चमोली और पुलिस अधीक्षक समेत प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। जिला प्रशासन के अनुसार, दोनों लापता श्रमिकों की तलाश युद्धस्तर पर जारी है।
बारिश से सड़क और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित
बारिश के कारण रेस्क्यू अभियान के साथ जिले में सड़क और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। रविवार को चमोली में 61.40 मिमी, कर्णप्रयाग में 42, गैरसैंण में 22, पोखरी में 20, नारायणबगड़ में 19, थराली में 12 और जोशीमठ में 6.40 मिमी बारिश दर्ज की गई।
अलकनंदा नदी का जलस्तर 952.20 मीटर, नंदाकिनी का 867.33 मीटर और पिंडर का 769.28 मीटर दर्ज किया गया। तीनों नदियां चेतावनी स्तर से नीचे हैं।
ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-07), कर्णप्रयाग-थराली-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-109के) और कर्णप्रयाग-नौटी-चोपता मार्ग यातायात के लिए सुचारू हैं। हालांकि, जोशीमठ-मलारी-नीती राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कुछ राज्य और ग्रामीण मार्ग भूस्खलन से प्रभावित हैं। संबंधित विभाग मार्गों को खोलने में जुटे हैं।
पांच राज्यों के श्रमिक हादसे में प्रभावित
टीआरटी टनल हादसे में मृत आठ श्रमिकों में टिहरी गढ़वाल, चमोली, उत्तर प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ के श्रमिक शामिल हैं। जिला प्रशासन की ओर से मृतकों और घायलों के परिजनों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।



