उत्तरकाशी, 13 अगस्त। चिन्यालीसौड़ में टिहरी बांध की झील के तटवर्ती क्षेत्र में हो रहे भूधंसाव को रोकने के लिए चल रहे सुरक्षात्मक कार्य समय पर पूरा नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। गुरुवार को प्रभावित लोगों ने टीएचडीसी के अधिकारियों का घेराव कर जल्द से जल्द सुरक्षा कार्य पूरा कराने की मांग की। अधिकारियों के सकारात्मक आश्वासन के बाद करीब एक घंटे में घेराव समाप्त किया गया।
झील का जलस्तर बढ़ने से बढ़ी भूधंसाव की चिंता
नगर पालिका क्षेत्र चिन्यालीसौड़ में टिहरी बांध की झील का जलस्तर बढ़ने के कारण तटवर्ती क्षेत्र में लगातार भूधंसाव और भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है। इससे चिन्यालीसौड़ अस्पताल से सटी आवासीय बस्ती में रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्र की सुरक्षा के लिए शुरू किए गए कार्य में देरी से उनकी चिंता बढ़ रही है। इसी को लेकर उन्होंने टीएचडीसी अधिकारियों का घेराव कर सुरक्षात्मक कार्य जल्द पूरा करने की मांग उठाई।
6.50 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुआ था सुरक्षा कार्य
नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष शूरवीर सिंह रांगड़ ने बताया कि स्थानीय लोगों की मांग पर पिछले वर्ष अस्पताल क्षेत्र की आबादी की सुरक्षा के लिए टीएचडीसी ने 6.50 करोड़ रुपये की लागत से सुरक्षात्मक कार्य शुरू कराया था। इसका जिम्मा चौधरी कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया था।
कंपनी की ओर से पिछले वर्ष जुलाई में क्लैडिंग वॉल, एसजीआरए, गेवन वॉल आदि के निर्माण का काम शुरू किया गया था। लेकिन एक वर्ष बीतने के बाद भी अब तक केवल 40 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका है। कार्य की धीमी गति को लेकर स्थानीय व्यापारियों ने भी नाराजगी जताई।
दूसरी कंपनी को काम देने की मांग
गुरुवार को टीएचडीसी के उप प्रबंधक अतुल बहुगुणा, साइट इंचार्ज शुभम और अन्य अधिकारी झील क्षेत्र के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान प्रभावित लोगों ने उनका घेराव किया। लोगों ने चौधरी कंस्ट्रक्शन द्वारा किए जा रहे कार्यों को किसी दूसरी कंपनी को सौंपने की मांग रखी।
अधिकारियों ने इस संबंध में सकारात्मक आश्वासन दिया, जिसके बाद स्थानीय लोग सहमत हुए और करीब एक घंटे बाद घेराव समाप्त कर दिया गया।
इस मौके पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शूरवीर सिंह रांगड़, व्यापार मंडल अध्यक्ष कृष्ण प्रसाद नौटियाल, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जसवीर चौहान, नरेंद्र पवार, अनिल बिष्ट, विजय मदन लाल, प्रमोद आदि मौजूद रहे।



