पौड़ी गढ़वाल, 13 अगस्त। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को जिला स्तरीय सलाहकार एवं समीक्षा समिति (डीएलआरसी/डीसीसी) की बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में वित्तीय समावेशन, ऋण वितरण, स्वरोजगार तथा केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न प्रायोजित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में कई बैंकों के प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए।
बैठक में अनुपस्थित बैंक अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण
बैठक के दौरान विभिन्न बैंक शाखाओं की उपस्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान अल्मोड़ा अर्बन कोऑपरेटिव लिमिटेड बैंक, पंजाब एवं सिंध बैंक, यूको बैंक, इंडसइंड बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के प्रतिनिधि अनुपस्थित पाए गए। डीएलआरसी बैठक में बैंक प्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बैंकों और रेखीय विभागों को आपसी समन्वय के साथ योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से ऋण और अन्य वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
ग्राउंड स्तर पर ऋण वितरण बढ़ाने के निर्देश
डीएम ने कहा कि बैंकों की भूमिका केवल ऋण आवेदनों के निस्तारण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। बैंक अधिकारियों को क्षेत्र में जाकर परियोजना आधारित ऋण वितरण को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने लंबित ऋण आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश भी दिए।
अधूरे अभिलेखों वाले मामलों को संबंधित विभाग और आवेदक से समन्वय कर जल्द पूरा कराने को कहा गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी आवेदन को अस्वीकृत किया जाता है तो उसका स्पष्ट और कारणयुक्त उल्लेख किया जाए, जिससे आवेदक को अनावश्यक परेशानी न हो।
फसल बीमा योजना के लक्ष्यों को पूरा करने पर जोर
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने पात्र किसानों को योजना का लाभ दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। कृषि और संबंधित विभागों को बैंक शाखाओं के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक किसानों को फसल बीमा और ऋण योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
स्वरोजगार योजनाओं के लंबित आवेदनों का होगा निस्तारण
बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम स्वनिधि, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना और होम स्टे योजना सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने इन योजनाओं से संबंधित लंबित आवेदनों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण करने को कहा। उन्होंने बैंकों और संबंधित विभागों को पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रभावी समन्वय करने के निर्देश दिए।
युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर विशेष फोकस
मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने कहा कि स्वरोजगार और ऋण आधारित योजनाओं में युवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने बैंकों और संबंधित विभागों को पात्र युवाओं को योजनाओं की जानकारी देने तथा ऋण के लिए प्रेरित करने को कहा।
उन्होंने स्वयं सहायता समूहों, बैंक सखी और अन्य सामुदायिक संसाधनों का प्रभावी सहयोग लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रहे, बल्कि पात्र लाभार्थियों को वास्तविक रूप से स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित की जाए।
बैठक में लीड बैंक प्रबंधक ने बताया कि वित्तीय साक्षरता के लिए लीड बैंक कार्यालय, आरसेटी, नाबार्ड और क्रिसिल सीएफएल की ओर से नियमित रूप से शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती जुयाल, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, अपर पशु चिकित्साधिकारी डॉ. नंदन प्रसाद आगरी, जिला उद्योग केंद्र के प्रबंधक आरपी आर्य, उपासना सिंह, एलडीएम किशन रावत सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



