ग्लासगो, 27 जुलाई। भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में एक बार फिर इतिहास रच दिया है। ओलंपिक रजत पदक विजेता चानू ने महिलाओं के 48 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार तीसरी बार स्वर्ण जीतने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना दिया।
मीराबाई चानू ने उठाया कुल 190 किलोग्राम वजन
31 वर्षीय भारतीय वेटलिफ्टर ने प्रतियोगिता में अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए कुल 190 किलोग्राम वजन उठाया। उन्होंने स्नैच में 85 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 105 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
मीराबाई ने स्नैच वर्ग में 85 किलोग्राम वजन उठाकर राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकॉर्ड भी बनाया। उनके शानदार प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह दुनिया की शीर्ष वेटलिफ्टरों में शामिल हैं।

शुरुआत में आई चुनौती, लेकिन चानू ने दिखाया दम
मुकाबले की शुरुआत मीराबाई चानू के लिए आसान नहीं रही। स्नैच में उन्होंने 82 किलोग्राम के पहले प्रयास में सफलता हासिल नहीं की, लेकिन उन्होंने दबाव में शानदार वापसी करते हुए दूसरे प्रयास में वजन उठा लिया।
इसके बाद उन्होंने अपने अंतिम प्रयास में वजन बढ़ाकर 85 किलोग्राम किया और नया रिकॉर्ड कायम किया। क्लीन एंड जर्क में भी पहले प्रयास में थोड़ी परेशानी के बाद उन्होंने दूसरे प्रयास में 105 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया और स्वर्ण पदक पक्का कर लिया।
जीत सुनिश्चित होने के बाद उन्होंने अंतिम प्रयास नहीं किया।
राष्ट्रमंडल खेलों में चानू का शानदार सफर
मीराबाई चानू का राष्ट्रमंडल खेलों का सफर बेहद शानदार रहा है। उन्होंने ग्लासगो 2014 में रजत पदक जीतकर इस प्रतियोगिता में अपनी शुरुआत की थी। इसके बाद गोल्ड कोस्ट 2018 और बर्मिंघम 2022 में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपनी बादशाहत कायम की।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में स्वर्ण जीतने के साथ ही उन्होंने लगातार तीसरी बार खिताब अपने नाम किया और राष्ट्रमंडल खेलों में अपने कुल पदकों की संख्या चार पहुंचा दी।

चोट से उबरकर की शानदार वापसी
मीराबाई चानू के लिए यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि वह हाल के समय में चोट की समस्या से जूझ रही थीं। कंधे की चोट से उबरने के कारण उन्होंने एशियाई वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं लिया था।
इसके बाद उन्होंने वापसी करते हुए राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और 48 किलोग्राम वर्ग का खिताब जीता। कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका यह प्रदर्शन उनकी मेहनत और मजबूत इच्छाशक्ति का परिणाम है।

भारत को मिला पहला स्वर्ण पदक
मीराबाई चानू का स्वर्ण पदक कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का पहला स्वर्ण पदक भी बना। इससे पहले भारत ने वेटलिफ्टिंग में शानदार शुरुआत करते हुए पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में ऋषिकांत सिंह चनंबम के जरिए रजत पदक जीता था।
मीराबाई की ऐतिहासिक जीत ने भारतीय खेल जगत को गौरवान्वित किया है और आने वाले मुकाबलों के लिए देश की पदक उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है।


