पेरिस/मैड्रिड, 27 जुलाई। दक्षिणी यूरोप में लगातार बढ़ रही जंगल की भीषण आग ने फ्रांस और स्पेन में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। आग के खतरे को देखते हुए दोनों देशों में अब तक 3.20 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
फ्रांस में हजारों हेक्टेयर क्षेत्र आग की चपेट में
दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस के गिरोंद क्षेत्र में जंगल की आग तेजी से फैल रही है। अधिकारियों ने बोर्डो के आसपास के कई इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए हैं। निकासी अभियान के तहत अब तक 2.20 लाख से अधिक लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से बाहर निकाला गया है।
सूखी वनस्पतियों और तेज हवाओं के कारण आग पर नियंत्रण पाना चुनौती बना हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, इस भीषण आग से करीब 42 हजार हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हो चुका है।
फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज़ ने स्थिति को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि गिरोंद क्षेत्र में आग की तीव्रता शाम के समय काफी बढ़ गई थी। हालांकि देर रात इसके प्रभाव में कुछ कमी दर्ज की गई।
2500 से अधिक अग्निशमन कर्मी तैनात
फ्रांस में आग बुझाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। लगभग 2500 अग्निशमन कर्मियों के साथ स्विट्जरलैंड की एक टीम भी राहत कार्य में शामिल है। इसके अलावा 1500 सैन्यकर्मी और करीब 1200 पुलिस एवं सुरक्षा अधिकारी स्थिति संभालने में जुटे हुए हैं।
मंगलवार को साउमोस कस्बे से शुरू हुई आग धीरे-धीरे ले पोर्ज और लेज-कैप-फेरे क्षेत्रों तक फैल गई। सप्ताहांत में इसके बोर्डो महानगरीय क्षेत्र की ओर बढ़ने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई।
स्पेन में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित
स्पेन में भी जंगल की आग ने कई क्षेत्रों को प्रभावित किया है। मैड्रिड क्षेत्र और एविला प्रांत में आग के तेजी से फैलने के बाद सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है।
स्पेन में करीब एक लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। पूर्वी स्पेन में आग की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत होने की भी खबर है।
यूरोपीय सहयोग से चल रहा राहत अभियान
स्पेन के गृह मंत्रालय के अनुसार, आग पर नियंत्रण के लिए यूरोपीय संघ के नागरिक सुरक्षा तंत्र के माध्यम से अतिरिक्त संसाधनों की मदद ली जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में बचाव दल, अग्निशमन कर्मी और प्रशासनिक अधिकारी लगातार काम कर रहे हैं।
जलवायु परिस्थितियों, तेज हवाओं और सूखे मौसम के कारण दक्षिणी यूरोप में जंगल की आग का खतरा लगातार बढ़ रहा है।


