पौड़ी गढ़वाल, 11 अगस्त। नीलकंठ पैदल मार्ग पर मंगलवार को पुलिस, होमगार्ड और पीआरडी जवानों की तत्परता और मानवता की मिसाल देखने को मिली। पुण्डरासू के पास 85 वर्षीय श्रद्धालु ओमप्रकाश, निवासी काशीपुर, अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद बेहोशी की हालत में मिले। सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात जवान तत्काल मौके पर पहुंचे और बुजुर्ग श्रद्धालु को स्ट्रेचर के माध्यम से सुरक्षित प्राथमिक उपचार केंद्र पहुंचाया।
नीलकंठ पैदल मार्ग पर बुजुर्ग श्रद्धालु की बिगड़ी तबीयत
एसएसपी सर्वेश पंवार ने बताया कि मंगलवार को नीलकंठ पैदल मार्ग पर पुण्डरासू के समीप ओमप्रकाश के अचानक बेहोश होने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना मिलते ही आरक्षी अंकित सिंह, आरक्षी दीपचंद और आरक्षी हरीश अधिकारी मौके पर पहुंचे।
उनके साथ होमगार्ड धर्मेंद्र और पीआरडी जवान धर्मेंद्र भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। जवानों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिना समय गंवाए बुजुर्ग श्रद्धालु की मदद शुरू की।
स्ट्रेचर से पहुंचाया प्राथमिक उपचार केंद्र
पुलिस, होमगार्ड और पीआरडी जवानों ने ओमप्रकाश को स्ट्रेचर पर उठाया और पैदल मार्ग से सुरक्षित प्राथमिक उपचार केंद्र तक पहुंचाया। उपचार केंद्र में बुजुर्ग श्रद्धालु का प्राथमिक उपचार किया गया।
जवानों की इस त्वरित कार्रवाई से बेहोशी की हालत में मिले बुजुर्ग श्रद्धालु को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सकी। मौके पर मौजूद जवानों ने अपनी ड्यूटी के साथ मानवीय जिम्मेदारी का भी परिचय दिया।
सुरक्षा के साथ श्रद्धालुओं की मदद में भी मुस्तैद जवान
कांवड़ यात्रा के दौरान नीलकंठ पैदल मार्ग सहित विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस और सुरक्षा बल भीड़ नियंत्रण तथा सुरक्षा व्यवस्था में लगातार मुस्तैद हैं। इसके साथ ही जरूरतमंद श्रद्धालुओं की सहायता के लिए भी जवान तत्परता से काम कर रहे हैं।
85 वर्षीय श्रद्धालु के बेहोश मिलने की घटना में जवानों द्वारा तत्काल सहायता उपलब्ध कराना इसी तत्परता का उदाहरण है। इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया कि पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की जिम्मेदारी केवल भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट में फंसे श्रद्धालुओं की मदद करना भी उनकी प्राथमिकता है।



