हरिद्वार, 11 अगस्त। कांवड़ मेला सकुशल संपन्न होने के बाद धर्मनगरी को साफ-सुथरा बनाने के लिए प्रशासन ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के नेतृत्व में हरिद्वार सफाई अभियान 12 से 18 अगस्त तक पूरे जिले में चलाया जाएगा। अभियान के तहत कांवड़ यात्रा के दौरान जमा हुए कूड़े-कचरे को हटाने के साथ सार्वजनिक स्थानों की सफाई पर विशेष जोर दिया जाएगा।
कांवड़ मार्गों और घाटों पर होगी विशेष सफाई
कांवड़ यात्रा के दौरान गंगा घाटों, कांवड़ मार्गों, पार्किंग स्थलों, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बड़ी मात्रा में कूड़ा-कचरा जमा हुआ है। इसे हटाने के लिए प्रशासन ने नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला पंचायत और ग्राम पंचायतों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
हरिद्वार सफाई अभियान के दौरान केवल कूड़ा हटाने पर ही नहीं, बल्कि उसके उचित निस्तारण पर भी ध्यान दिया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य कांवड़ मेले के बाद धर्मनगरी को व्यवस्थित और स्वच्छ स्वरूप में लाना है।
अधिकारियों को मॉनिटरिंग के निर्देश
मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में हुई बैठक में अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को सफाई व्यवस्था के साथ-साथ कूड़े के उचित निस्तारण और अभियान की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों को अपने क्षेत्रों में अभियान को प्रभावी तरीके से संचालित करने और सफाई कार्यों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है।
जनभागीदारी पर प्रशासन का जोर
प्रशासन ने हरिद्वार सफाई अभियान में सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थानों, स्वयंसेवी संस्थाओं, व्यापार मंडल, औद्योगिक इकाइयों, जनप्रतिनिधियों, संत समाज और आम नागरिकों से बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील की है।
अधिकारियों का कहना है कि हरिद्वार को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। कांवड़ मेले के बाद बड़ी मात्रा में जमा हुए कूड़े को हटाने और धर्मनगरी को फिर से स्वच्छ बनाने में जनभागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों से अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील करते हुए इसे प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया है।



